
कांग्रेस से निकाले जा चुके आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने रविवार को संभल में कहा- राहुल गांधी दिमागी संतुलन खो चुके हैं। कांग्रेस डूबता हुआ जहाज है। जिस जहाज का कैप्टन राहुल गांधी जैसा होगा, उससे सब छलांग लगाएंगे ही। इसीलिए सीनियर नेता एक-एक करके छलांग लगा रहे हैं। जितने भी बड़े नेता हैं उनका कांग्रेस में अपमान हो रहा है।
प्रमोद कृष्णम् ने कहा- कांग्रेस की बर्बादी के लिए सिर्फ एक व्यक्ति जिम्मेदार है, उसका नाम है राहुल गांधी। करुणाकरन की बेटी, अशोक चौहान, सुरेश पचौरी और गुलाम नबी आजाद जैसे बड़े नेता यूं ही छोड़कर नहीं चले गए। सच तो ये है कि सीनियर नेताओं का कांग्रेस में दम घुट रहा है। राहुल गांधी के नौकर सीनियर नेताओं का अपमान करते हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् के 7 बड़े बयान...
1. हार का डर राहुल को अमेठी से वायनाड ले गया
प्रमोद कृष्णम् ने कहा- हार का डर राहुल गांधी को अमेठी से वायनाड ले गया। वो जानते थे कि अमेठी से लड़े तो हार जाएंगे, इसीलिए वायनाड चले गए। अमेठी की जनता ने स्मृति ईरानी को अपना लिया है। उनके सुख-दुख में स्मृति ईरानी साथ खड़ी हैं। राहुल गांधी तो 5 साल में 5 बार भी अमेठी नहीं गए।
हर नेता को पता होता है कि किस सीट पर उसकी हार-जीत का क्या समीकरण है। राहुल को भी पता था, इसलिए अमेठी के बजाय वायनाड से अपना नाम घोषित किया है।
2. मोदी PM न होते तो वेस्ट बंगाल बांग्लादेश में मिल जाता
पिछले 10 साल से देश में PM मोदी न होते तो वेस्ट बंगाल कभी का बांग्लादेश में चला गया होता। ये तो भारत का सौभाग्य है कि देश को मोदी PM के रूप में मिले हैं। मुझे लगता है कि वेस्ट बंगाल की जनता TMC के अत्याचारों से अब इतना दुखी हो चुकी है कि 2024 में मोदी के समर्थन का पूरा मन बना चुकी है।
3. विपक्षी गठबंधन में चोरों की जमात, कमलनाथ-अब्दुल्ला भी जल्द NDA में आएंगे
प्रमोद कृष्णम् ने कहा- विपक्ष का गठबंधन चोरों की जमात है। इसमें सब एक-दूसरे की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। मुझे लगता है कि फारूक अब्दुल्ला जैसे बड़े नेता चोरों की इस जमात में हरगिज नहीं रहना चाहेंगे। वो जल्द बड़ा फैसला लेंगे। मेरा मानना है कि फारूक अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर और देश के हित में बहुत जल्द NDA में शामिल हो जाना चाहिए।
कोई पूछे जाकर कमलनाथ से अकेले में, उनकी कितनी तौहीन की जा रही है। मेरा मानना है कि उन्हें अब कांग्रेस छोड़ देनी चाहिए। कांग्रेस में हर बड़े नेता की दुर्गति हो रही है। कोई जाकर पूछे सुरेश पचौरी, गुलाम नबी आजाद जैसे नेताओं से कि क्यों वो कांग्रेस छोड़ने को मजबूर हुए? जो बड़े नेता कांग्रेस में बचे हैं, वो भी जल्द कांग्रेस छोड़ जाएंगे।
4. मायावती देश का मूड भांप चुकी हैं
बसपा सुप्रीमो मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रमोद कृष्णम् ने कहा- उन्होंने देश का मूड भांप लिया है। वो समझ चुकी हैं कि सारे चोरों ने मिलाकर जो विपक्ष का गठबंधन बनाया है, वहां सब एक-दूसरे की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। देश की जनता मोदी के साथ है। तीसरी बार भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बनेंगे।
5. प्रियंका की भी हो रही बेइज्जती
प्रमोद कृष्णम् ने कहा- जब तक राहुल गांधी कांग्रेस में हैं, इस पार्टी को कोई नहीं बचा सकता। प्रियंका गांधी भी पार्टी के अंदर अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। उनका भी कोई सम्मान नहीं है। उनको कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
6. आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया
उन्होंने कहा- मुझे कल रात जानकारी मिली कि कांग्रेस पार्टी ने एक चिट्ठी जारी की है। जिसमें कहा है कि पार्टी विरोधी एक्टिविटी के कारण मुझे 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। सबसे पहले मैं कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया।
प्रमोद कृष्णम् ने सवाल किया कि केसी वेणुगोपाल या मल्लिकार्जुन खड़गे बताएं कि ऐसी कौन सी गतिविधियां हैं, जो पार्टी के विरोध में थीं। क्या राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण स्वीकार करना, वहां जाना, श्रीकल्कि धाम का शिलान्यास कराना, नरेंद्र मोदी से मिलना, सनातन की बात करना पार्टी विरोधी है? इससे पहले सुबह उन्होंने X पर राहुल को टैग करके लिखा था- राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता है।
7. क्या कांग्रेस में सिर्फ वो रह सकते हैं, जो राम का अपमान करें?
उन्होंने सवाल किया- क्या कांग्रेस में सिर्फ वो लोग ही रह सकते हैं, जो राम का अपमान करें। हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाएं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि राम और राष्ट्र पर समझौता नहीं किया जा सकता। निष्कासन बहुत छोटी चीज है। हम अपने प्राणों को भी न्योछावर करने के लिए तैयार हैं।
लेकिन राष्ट्रीय अस्तित्व, अस्मिता और सनातन पर कोई आंच नहीं आने देंगे। मेरी प्रबल इच्छा है कि भगवान राम को 14 साल का वनवास दिया गया था, तो एक राम भक्त को 6 साल के लिए क्यों निकाला जा रहा है। इसको 14 साल कर दिया जाए।
कांग्रेस से दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं प्रमोद कृष्णम्
59 साल के प्रमोद कृष्णम् मूल रूप से जिला संभल में गांव ऐचोड़ा कम्बोह के रहने वाले हैं। फिलहाल गाजियाबाद और दिल्ली में रहते हैं। कांग्रेस ने इन्हें साल 2014 में संभल और 2019 में लखनऊ से प्रत्याशी बनाया था। संभल में 2014 में इन्हें मोदी लहर में मात्र 16034 वोट मिले और 5वें नंबर पर रहे थे।
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रमोद कृष्णम् को लखनऊ लोकसभा सीट से 1 लाख 80 हजार 11 वोट प्राप्त हुए और तीसरे नंबर पर रहे। यहां से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जीत दर्ज की थी। प्रमोद कृष्णम् ने जिला संभल में श्रीकल्कि फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके वे पीठाधीश्वर भी हैं।