भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी से भी नमी आने लगी है। इससे राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अनेक इलाकों में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। भोपाल के आसमान पर शुक्रवार रात से बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलीं, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। शनिवार तड़के गरज-चमक के साथ रुक-रुककर बौछारें भी पड़ीं। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल में पिछले चौबीस घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 04 मिमी वर्षा हुई। फिलहाल पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही हैं। वातावरण में नमी बरकरार है। मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला शनिवार दिन में भी जारी रह सकता है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में अफगानिस्तान के पास बने एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी एवं मैदानी क्षेत्रों में वर्षा होने के हालात बन गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
दिन का पारा सामान्य से 05 डिग्री अधिक
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भोपाल शहर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य (30.5 डिग्री) से 05 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही यह पिछले दिन के अधिकतम तापमान (31.5) से भी लगभग 04 डिग्री अधिक रहा। यह बीते एक हफ्ते में दिन का सर्वाधिक तापमान था। वहीं शनिवार को न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के न्यूनतम तापमान (18.2) से 0.6 डिग्री कम, लेकिन सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
प्रदेश में आ रही नमी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व अफगानिस्तान व उसके आसपास के इलाके में बना है। वहीं एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिमी अरब सागर व उसके आसपास 3.1 किलोमीटर 7.6 किलोमीटर ऊंचाई पर बनी हुई है। वहीं एक प्रेरित हवा का चक्रवात दक्षिण पश्चिमी राजस्थान व उससे लगे पाकिस्तान के हिस्से में बना हुआ है। हवाओं के साथ बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। उधर पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी एवं वहां के मैदानी इलाकों में वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। इस वजह से प्रदेश के कुछ इलाकों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है।