भोपाल: राजधानी सहित पूरे प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान (HPV Vaccination Campaign) अब एक नए डिजिटल अवतार में नजर आएगा।90 दिनों के भीतर आठ लाख किशोरियों को कवर करने के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लेने का निर्णय लिया है। गुरुवार को भोपाल में आयोजित एक विशेष 'इन्फ्लुएंसर मीट' में विशेषज्ञों ने वैक्सीन से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए इसे पूरी तरह सुरक्षित बताया।पीरियड्स या एनीमिया में भी लगवा सकते हैं टीका
गांधी मेडिकल कालेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शबाना सुल्तान ने उन भ्रांतियों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जाता है कि वैक्सीन से संक्रमण फैल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैक्सीन में मौजूद वायरस 'मृत' होता है, जो केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
वहीं, एनएचएम संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9,263 किशोरियों को टीका लग चुका है। यह वैक्सीन पीरियड्स के दौरान भी लगवाई जा सकती है और एनीमिक बच्चियों के लिए भी सुरक्षित है।
महिलाओं के टीकाकरण से पुरुषों को भी सुरक्षा
काटजू अस्पताल की नोडल आफिसर डॉ. रचना दुबे ने बताया कि एचपीवी वायरस (HPV Virus) स्किन टू स्किन कांटेक्ट और यौन ट्रांसमिशन से फैलता है। यदि महिलाएं वैक्सीनेटेड होंगी, तो पुरुषों में इस वायरस के पहुंचने की संभावना न के बराबर रह जाएगी। भारत में हर मिनट एक महिला की मौत इस कैंसर से हो रही है, जिसे किशोरावस्था में मात्र एक टीके से रोका जा सकता है।
क्यों लगवाएं टीका?
- गार्डासिल-4 की सिंगल डोज कैंसर के खतरे को 85% तक कम कर देती है।
- इसमें एल्यूमिनियम साल्ट होता है जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, यह अन्य टीकों में भी उपयोग होता है।
- अभिभावक यू-विन प्लेटफॉर्म पर स्लाट बुक कर सकते हैं या सीधे सरकारी केंद्रों पर जा सकते हैं।
भोपाल की स्थिति और लक्ष्य
- कुल लक्ष्य : मप्र की आठ लाख बालिकाएं (14-15 वर्ष)।
- भोपाल में केंद्र : एम्स और जिला अस्पताल सहित कुल 18 केंद्र।
- अब तक : भोपाल में 200 किशोरियों का टीकाकरण पूर्ण।
- उपलब्धता : रविवार और अवकाश छोड़कर सभी दिन वैक्सीनेशन जारी।