एमबीबीएस छात्रा की मौत… रात 11 बजे GMC पहुंची पुलिस

Updated on 14-02-2026 01:21 PM

भोपाल में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रा के परिजन और एमबीबीएस छात्रों ने धीमी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए शुक्रवार दोपहर कोहेफिजा थाने का घेराव किया था, तो पुलिस रात करीब 11:30 बजे पूछताछ करने के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल पहुंच गई।

यहां वारंट और लिखित आदेश की मांग को लेकर मेडिकल स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच काफी बहस हुई। दोनों के बीच रात करीब 2 बजे तक टकराव की स्थिति बनी रही। इसके बाद मेडिकल छात्रों ने जांच प्रक्रिया और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

रात में हॉस्टल पहुंची पुलिस, स्टूडेंट्स ने किया विरोध

तनाव उस समय और बढ़ गया जब शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे तीन पुलिसकर्मी गांधी मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल डी ब्लॉक पहुंचे। उनका कहना था कि वे पूछताछ के लिए आए हैं। मौके पर मौजूद छात्रों का आरोप है कि पुलिस बिना वारंट और लिखित आदेश के आई थी। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने अपने सोशल मीडिया ग्रुप में लिखा कि देर रात पुलिस छात्राओं को परेशान करने पहुंची। एक छात्रा को जबरन थाने ले जाने की कोशिश की गई। जिसका स्टूडेंट्स ने विरोध किया।

वारंट की मांग पर टकराव

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें छात्र पुलिस से लिखित आदेश और वारंट दिखाने की मांग करते नजर आ रहे हैं। वहीं, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित को यह कहते सुना गया कि पुलिस को हर बार अलग से परमिशन की जरूरत नहीं होती। बाद में उन्होंने कहा कि उनके पास आवश्यक अनुमति है।

छात्रों ने लिखित रूप में आदेश पेश करने की मांग दोहराई। इस दौरान शुरुआती समय तक केवल पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद थे। विरोध बढ़ने के बाद रात करीब 1 बजे एक महिला कॉन्स्टेबल भी मौके पर पहुंची।

रात में अलग कमरे में पूछताछ

करीब एक घंटे तक संबंधित छात्रा को अलग कमरे में बैठाकर पूछताछ की गई। बाहर खड़े मेडिकल छात्र इस प्रक्रिया का विरोध करते रहे। उनका कहना था कि देर रात छात्राओं से पूछताछ करना अनुचित है। छात्रों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें डराने के लिए की जा रही है, ताकि वे प्रदर्शन से पीछे हट जाएं। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसे जांच का हिस्सा बताया।

13 छात्राओं में से सिर्फ एक से ही पूछताछ 

जिस छात्रा से पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची, वो भी एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की है। जिस प्राइवेट पीजी में रोशनी रहती थी, उसी में रहती है। साथी छात्रा ने बताया कि रोशनी की मौत के बाद से वो सदमे में थी। ऐसे में साथी छात्रों ने उसे अपने साथ हॉस्टल में रखने का फैसला लिया था। पुलिस उसकी ही तलाश में GMC पहुंची थी। जिसके बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ।

संदिग्ध हालात में मिली थी छात्रा की लाश

मामला 10 फरवरी का है, जब गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश का शव बाथरूम में संदिग्ध हालत में मिला। रोशनी आलीराजपुर की रहने वाली थी और पिछले साल अक्टूबर में उसने एमबीबीएस में दाखिला लिया था। वह कोहेफिजा थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट हॉस्टल में रह रही थी।

सुबह जब वह कॉलेज के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ की छात्राओं ने कई बार दरवाजा खटखटाया और फोन कॉल किए। कोई जवाब नहीं मिलने पर पीजी के गार्ड को बुलाया गया। कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी अचेत अवस्था में पड़ी मिली। पास में एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

नाराज परिजन और छात्रों ने किया था थाने का घेराव

शुक्रवार दोपहर में रोशनी के परिजन और गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने कोहेफिजा थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस जांच में लापरवाही बरत रही है। जिस स्थान पर शव मिला, उसे तुरंत सील नहीं किया गया। वार्डन और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी समय पर दर्ज नहीं किए गए।

छात्रों ने मांग की कि थाना प्रभारी नहीं, बल्कि कोई वरिष्ठ अधिकारी आकर उनसे बात करे। इसके बाद एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित और एसीपी अनिल वाजपेयी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

जनजातीय संगठनों का समर्थन

मामले में जनजातीय संगठनों ने भी आवाज उठाई है। रोशनी आदिवासी समुदाय से जुड़ी बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की जानी चाहिए। कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन. सिंह के अनुसार छात्रा के मोबाइल से मिले संदेशों में पढ़ाई को लेकर तनाव की बात सामने आई है। हालांकि, परिजन और छात्र इस एंगल को अंतिम सच मानने को तैयार नहीं हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 06 March 2026
भोपाल. होली के उत्सव के बीच प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 4 मार्च को 108 एंबुलेंस सेवा के डेटा के अनुसार एक ही दिन में…
 06 March 2026
भोपाल, भोपाल के जेल रोड करोंद स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात लोग स्ट्रीट डॉग्स को लेकर लामबंद हो गए। वे कॉलोनी के गेट पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम…
 06 March 2026
भोपाल, पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भोपाल के बड़ा तालाब किनारे फिर से सीमांकन शुरू हुआ। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा पहुंची। बेहटा में एफटीएल…
 06 March 2026
भोपाल, राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में हर महीने 1500 से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन यहां रेडिएशन की सुविधा न होने से उन्हें सिर्फ…
 06 March 2026
भोपाल। 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इस बार भोपाल की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के बजाय कम होने जा रही है।एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने हाल ही में शुरू…
 06 March 2026
भोपाल: राजधानी सहित पूरे प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान (HPV Vaccination Campaign) अब एक नए डिजिटल अवतार में नजर आएगा।90 दिनों के भीतर आठ…
 06 March 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सेंटर खुलने जा रहा है। प्रदेश में यह पहला सरकारी आईवीएफ सेंटर…
 06 March 2026
भोपाल: मध्य प्रदेश में जमीन से जुड़े विवादों के लिए अब आपत्ति दर्ज करवाना आसान हो गया है। राज्य सरकार ने संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। जिसके तहत कोई…