
महाराष्ट्र केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में 2.5 एकड़ जमीन खरीदने वाला है। ऐसा करने वाला यह पहला राज्य है। महाराष्ट्र की शिंदे सरकार इस जमीन पर जम्मू-कश्मीर जाने वाले अपने पर्यटकों के लिए गेस्ट हाउस- राज्य भवन बनवाएगी। यह राज्य भवन 8.16 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा।
महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार (13 मार्च) को जमीन खरीदने की मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार श्रीनगर स्थित मध्य कश्मीर के बडगाम में महाराष्ट्र भवन बनवाएगी। इसके लिए श्रीनगर एयरपोर्ट के पास इचगाम में 2.5 एकड़ जमीन का एक टुकड़ा तय कर लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने जमीन खरीद को मंजूरी दी
महाराष्ट्र भवन में जम्मू-कश्मीर जाने वाले राज्य के पर्यटकों और अधिकारियों को आवास और दूसरी सुविधाएं दी जाएंगी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को 8.16 करोड़ रुपए के बदले जमीन लेने की मंजूरी दे दी है। यह घाटी का पहला राज्य भवन होगा।
पिछले साल जून में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जम्मू-कश्मीर दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने वहां के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। इसके बाद ही महाराष्ट्र भवन के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
अयोध्या में भी राज्य भवन बनवाएगी महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि राज्य सरकार पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए दो महाराष्ट्र भवनों का निर्माण करवाएगी। इनमें एक श्रीनगर में और दूसरा अयोध्या में बनेगा। राज्य सरकार ने दोनों राज्य भवनों के लिए 77 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
केंद्र की मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म किया था। साथ ही राज्य को 2 हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। आर्टिकल 370 हटने से पहले जम्मू- कश्मीर में वहां के स्थायी निवासी ही जमीन खरीद सकते थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2020 में एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें कहा गया कि कोई भी भारतीय नागरिक जम्मू-कश्मीर में कृषि जमीन छोड़कर दूसरी जमीन खरीद सकता है।
2020-22 तक 185 लोगों ने जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 5 अप्रैल 2023 को राज्यसभा में बताया था कि 370 हटने का बाद 2020, 2021 और 2022 में 185 बाहरी लोगों ने जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी थी। इनमें, 2020 में सिर्फ एक व्यक्ति ने जमीन खरीदी। 2021 में 57 लोगों ने और 2022 में 127 लोगों ने जमीन खरीदी।
केंद्र ने बताया कि 2020 से 2022 के दौरान जम्मू-कश्मीर में मल्टीनेशनल कंपनियों सहित कुल 1,559 भारतीय कंपनियों ने भी निवेश किया। हालांकि, इन तीन सालों के दौरान लद्दाख में न तो किसी बाहरी शख्स ने जमीन खरीदी और न ही किसी भारतीय या मल्टीनेशनल कंपनी ने इन्वेस्ट किया।