
भारतीय सेना के जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) का शुक्रवार (8 मार्च) को मणिपुर के थौबल में उनके घर से अपहरण हो गया। जवान की पहचान चारंगपत ममांग लीकाई के रहने वाले कोनसम खेड़ा सिंह के रूप में हुई है।
कोनसम छुट्टी पर थे। कुछ लोग शुक्रवार सुबह 9 बजे उनके घर में घुस आए और उन्हें एक गाड़ी बांधकर ले गए। शाम करीब 6:30 बजे सुरक्षाबलों ने उन्हें रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद उन्हें थोउबल जिले के वाईखोंग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
पुलिस ने कहा अपहरण का कारण पता नहीं चल पाया है। यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह जबरन वसूली का मामला है, क्योंकि कोनसम के परिवार को पहले भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी थीं।
NH102 पर तलाशी ले रहे सुरक्षा बल के जवान
सुरक्षा बलों ने सेना के जवान को बचाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में NH102 से आने-जाने वाली सभी गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई 2023 से चल रहे संघर्ष में पिछले 10 महीने के दौरान कम से कम 219 लोग मारे जा चुके हैं।
1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राज्य में अब तक 65 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
सैनिक या परिवार के अपहरण की चौथी घटना
मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह चौथी घटना है, जिसमें छुट्टी पर, ड्यूटी पर तैनात किसी सैनिक या उनके रिश्तेदारों को निशाना बनाया है। इससे पहले सितंबर से 2023 से फरवरी तक तीन घटनाएं हो चुकी हैं...
सितंबर 2023 में असम रेजिमेंट के रिटायर सैनिक सर्टो थांगथांग कोम को अज्ञात सशस्त्र लोगों के ग्रुप ने किडनैप कर लिया था। बाद में उसकी हत्या कर दी थी। सर्टो डिफेंस सर्विस कोर (डीएससी) में मणिपुर के लीमाखोंग में तैनात थे।
दो महीने बाद, नवंबर में अज्ञात हमलावरों ने चार लोगों का अपहरण कर लिया, जब वे चुराचांदपुर से लीमाखोंग जा रहे थे। इनकी भी हत्या कर दी गई थी। चारों जम्मू-कश्मीर में तैनात सेना के जवान के परिवार वाले थे। हालांकि जवान के पिता भागने में कामयाब रहे। बाद में सेना ने उन्हें इलाज के लिए दीमापुर और उसके बाद असम के गुवाहाटी के बेस अस्पताल में भर्ती कराया।
मणिपुर पुलिस के ASP पर 27 फरवरी को इंफाल में उनके घर पर हमला किया गया। हमलावरों की पहचान मैतेई समुदाय के अरामबाई तेंगगोल के रूप में की गई थी। इन लोगों ने अमित का अपहरण कर लिया। दरअसल, ASP अमित ने कुछ दिन पहले वाहन चोरी के आरोप में मैतेई संगठन अरामबाई तेंगगोल के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद संगठन ने अपने सदस्यों की रिहाई को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
म्यामांर भेजे जा रहे अवैध रूप से आए नागरिक
इधर, शुक्रवार को म्यांमार के नागरिकों के डिपोर्टेशन का काम शुरू हो गया है। पहले बैच में 7 नागरिकों को बॉर्डर सिटी मोरेह के लिए रवाना किया गया। इंफाल एयरपोर्ट से 11 मार्च तक 77 नागरिकों को म्यांमार वापस भेजा जाएगा। 5 मार्च को जारी गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि मोरेह से तुम्मु में म्यांमार के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इन 77 नागरिकों में 55 महिलाएं, 5 बच्चे और बाकी पुरुष बताए जा रहे हैं।