
चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एडवाइजरी जारी की है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को सार्वजनिक बयान देते समय और ज्यादा सतर्क रहने को कहा है।
राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पनौती और जेबकतरे जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
मामला नवंबर 2023 का है। राहुल ने राजस्थान में बाड़मेर के बायतु और उदयपुर के वल्लभनगर में चुनावी सभा में कहा था- 'पीएम मतलब-पनौती मोदी।' अच्छा खासा लड़के वर्ल्ड कप जीत रहे थे, यह अलग बात है हरवा दिया।
इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनसे जवाब मांगा था। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी दिसंबर 2023 में चुनाव आयोग को नोटिस देकर कार्रवाई के बारे में पूछा था। राहुल को दी गई सलाह, उसी निर्देश के बाद आई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बयान को खराब माना था
21 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने आयोग से इन टिप्पणियों के लिए राहुल को जारी किए गए नोटिस पर फैसला लेने के लिए भी कहा था। कोर्ट ने कहा था कि नवंबर 2023 में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता का दिया गया बयान अच्छा नहीं था।
कोर्ट के आदेश और राहुल के जवाब सहित जेबकतरा और पनौती जैसे कमेंट से जुड़े केस में सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को भविष्य में अधिक सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी है।
पार्टियों को चेतावनी- प्रचार में मर्यादा बनाए रखें
चुनाव आयोग ने शुक्रवार 1 मार्च को ही सभी राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने कहा है कि आम चुनाव 2024 में राजनीतिक दल सार्वजनिक प्रचार में मर्यादा बनाए रखें। आयोग ने यह भी कहा कि पार्टी या कार्यकर्ताओं के जरिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से होने वाले आचार संहिता उल्लंघनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने कहा- पार्टी या प्रत्याशी मतदाताओं से जाति, धर्म या भाषा के नाम पर वोट न मांगें। वे भक्त और भगवान के बीच संबंध और उनकी श्रद्धा का मजाक न उड़ाएं। किसी मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा या फिर किसी भी धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार न करें।
साथ ही कहा कि ऐसे प्रत्याशी या स्टार कैंपेनर, जिन्हें पहले नोटिस दिया गया है, उन्होंने इस बार किसी निर्देश की अवहेलना की तो उन पर सीधे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोकसभा के साथ आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा चुनाव होने हैं।
चुनाव आयोग की चेतावनी- प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल न करें
चुनाव आयोग ने 5 फरवरी को सभी राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि चुनाव प्रचार अभियानों में बच्चों का इस्तेमाल किसी भी रूप में न करें। पार्टियों को भेजी गई एडवाइजरी में चुनाव आयोग ने पार्टियों और उम्मीदवारों से चुनावी प्रक्रिया के दौरान बच्चों से पोस्टर और पर्चे बांटने, नारेबाजी करने को लेकर जीरो टॉलरेंस जाहिर किया है।