कैटालिस्ट एडवाइजर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बिनॉय पारिख ने कहा कि पेटीएम जिस वित्तीय दबाव और रेगुलेटरी समस्याओं बाधाओं का सामना कर रही है, उसे देखते हुए अडानी ग्रुप के साथ गठजोड़ करने से उसे इन समस्याओं से निकलने में मदद मिलेगी। यह सौदा अडानी के लिए भी फायदेमंद होगा। उन्हें पेटीएम के स्थापित डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म से अपना डिजिटल फुटप्रिंट बढ़ाने और फिनटेक सेक्टर में अग्रणी कंपनी बनने में मदद मिलेगी। इससे अडानी ग्रुप को पेटीएम के यूजर बेस और टेक ढांचे तक तत्काल पहुंच मिलेगी। यह ग्रुप के कंज्यूमर फेसिंग बिजनस को मदद मिलेगी। वन 97 ने रिचार्ज प्लेटफॉर्म के रूप में शुरुआत की थी। कंपनी ने अपना पेमेंट और मर्चेंट एक्वायरिंग बिजनस पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) में ट्रांसफर कर दिया था। लेकिन आरबीआई ने हाल में पीपीबीएल की एक्टिविटीज पर रोक लगा दी थी।
