POK में क्यों मचा बवाल? जॉइंट एक्शन कमेटी का शहबाज सरकार के खिलाफ हल्ला बोल, दी चेतावनी

Updated on 02-01-2026 12:52 PM
मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) एक बार फिर अशांति की तरफ बढ़ रहा है। पीओके में पिछले साल कई बड़े आंदोलन चलाने वाली जॉइंट एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान की सरकार के साथ आगे कोई भी बातचीत करने से इनकार कर दिया है। कमेटी ने शहबाज सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने बीते साल 4 अक्टूबर को हुए समझौते के तहत वादों को अब तक पूरा नहीं किया है। ऐसे में आगे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता है। कमेटी ने पाकिस्तान सरकार के कश्मीर मामलों के मंत्री को खत लिखकर वादा पूरा न किए जाने को लेकर नाराजगी जताई है। कमेटी एक बार फिर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी कर रही है।

कमेटी ने खारिज किया बैठक का प्रस्ताव

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में कमेटी ने कहा कि समझौते में सभी मांगें 90 दिन के अंदर पूरी करने की बात कही गई थी। डेडलाइन में सिर्फ चार दिन बचे हैं, लेकिन कोई भी मुख्य वादा पूरा नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, कमेटी ने सरकार के और बैठक के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। इसने कहा है कि सभी मांगें पूरी होने के बाद ही बातचीत फिर से शुरू होगी।

शहबाज सरकार पर आरोप

कमेटी ने जोर देकर कहा है कि पहले मांगे पूरी करें, उसके पहले कोई बातचीत नहीं। इसने सरकार पर जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। कमेटी ने कहा कि समझौते में हर 15 दिन में समीक्षा बैठक जरूरी थी, लेकिन पिछले तीन महीने में सिर्फ दो बैठक हुई है। इसने आगे आरोप लगाया कि समझौते के कई नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसमें एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से कमेटी के जाने-माने सदस्यों का नाम न हटाया जाना, FIR वापस लेना और रिफ्यूजी सीटों से जुड़े मामलों का हल निकालना शामिल है।
जॉइंट एक्शन कमेटी के सीनियर सदस्य शौकत नवाज मीर ने कहा है कि जब समझौते की डेडलाइन खत्म होने वाली है, ठीक उसी समय पाकिस्तान सरकार ने कमेटी बनाने का फैसला ले लिया। यह कदम मामले को टालने और देरी करने का तरीका है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, कमेटी किसी बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। इसके पहले पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने रिफ्यूजी सीटों के मुद्दों को सुलझाने के लिए एक कमेटी बनाई थी।
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