ट्रंप का देश के नाम संबोधन, भारत-पाकिस्तान समेत 10 महीने में आठ युद्ध रोकने का दावा, टैरिफ को दिया क्रेडिट

Updated on 18-12-2025 05:18 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति ने एक बार फिर शांति दूत बनने की कोशिश की है और खुद को 10 महीने में आठ युद्ध रोकने का क्रेडिट दिया। इस सफलता के पीछे उन्होंने टैरिफ को वजह बताया। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि टैरिफ उनका पसंदीदा शब्द है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर हमला बोला और उन पर अमेरिका को गड़बड़ हालात में पहुंचाने का आरोप लगाया। अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने अपने प्रशासन का साल 2026 का एजेंडा भी पेश किया।

8 युद्ध रोकने का ट्रंप का दावा

ट्रंप ने कहा, 'मैंने अमेरिकी ताकत को बहाल किया है। 10 महीनों में आठ युद्धों को खत्म किया है। ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया है और गाजा में युद्ध समाप्त किया है जिससे 3000 साल में पहली बार शांति आई है। और बंधकों को जीवित या मृत, घर वापस लाने में सफलता हासिल की है।' अब तक दर्जनों बार हो चुका है जब ट्रंप ने दावा किया है उन्होंने लगातार युद्धों को रोका है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सभी उपलब्धियों के लिए पर्याप्त क्रेडिट न मिलने की शिकायत की है।अमेरिकी राष्ट्रपति इसके पहले कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया था। यह भी दावा किया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर दोनों देशों को इसके लिए मजबूर किया। भारत ने वॉशिंगटन के इस दावे को बार-बार खारिज किया है और दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं रही है।

टैरिफ की वजह से भारी कमाई

ट्रंप गिरती रेटिंग और अमेरिका में आसमान छूती कीमतों के बावजूद महंगाई को नजरअंदाज किया और जोर देकर कहा कि टैरिफ से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मदद मिली है। ट्रंप ने कहा, हमने टैरिफ की वजह से किसी के भी अंदाजे से ज्यादा पैसा कमाया और उस बिल ने भी हमारी मदद की। अमेरिकी राष्ट्रपति साल की शुरुआत में पास किए गए गए बड़े टैक्स कटौती कानून का जिक्र कर रहे थे।ट्रंप ने यह संबोधन अपनी गिरती लोकप्रियता के बीच दिया है। मंगलवार को रॉयटर्स/इप्सोस के नए सर्वेक्षण में पता चला कि सिर्फ 33 प्रतिशत अमेरिकी ही इस बात पर सहमत हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अर्थव्यवस्था को सही तरीके से संभाला है। हालांकि, ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान स्थिति के बारे में कोई सफाई नहीं दी। इसके बजाय उन्होंने नाकामियों का ठीकरा पूर्ववर्ती जो बाइडन की डेमोक्रेट सरकार पर फोड़ा। ट्रंप ने कहा, जब मैंने पद संभाला तो मुझे विरासत में एक गड़बड़ी मिली थी, और मैं उसे ठीक कर रहा हूं।
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