
फ्रंटियर नगा टेरिटरी नाम का अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) का एक हफ्ते से बंद जारी है। ENPO नगा क्षेत्र की 7 जनजातियों की शीर्ष संस्था है। उसके आंदोलन से राज्य के 6 जिले- मोन, त्युएन्सांग, किफिरे,लोंग्लेक, नोक्लाक और शामोतर प्रभावित हैं।
ENPO ने धमकी दी है कि अगर उसकी मांग नहीं मानी गई तो इस रीजन में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन राज्य और केंद्र सरकार की ओर से कराए जाने वाले निर्माण कार्य भी नहीं करने देर हा है। बंद से जरूरी सामान की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
कोन्याक यूनियन ने आम जनता को पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर और किराना संबंधी दैनिक जरूरत से जुड़ी चीजों का पर्याप्त स्टॉक घर में रखने की अपील की है। बंद का दौर लंबा खिंच सकता है। बड़े गतिरोध की नौबत आ सकती है।
केंद्र ने वादा नहीं निभाया, संघर्ष की जिम्मेदारी उसकी
ENPO अध्यक्ष त्सापीकीउ संग्तम ने कहा है कि केंद्र ने वादा नहीं निभाया है। हम केंद्र पर दबाव बढ़ाने के लिए सभी विधायकों और सांसदों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेंगे। संग्तम ने कहा कि ENPO लोकसभा चुनावों में भाग नहीं लेगा। इस दौरान घटने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे। चुनाव के बाद का कोई भरोसा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ENPO विकास के मोर्चे पर भेदभाव को लेकर साल 2010 से अलग राज्य की मांग कर रहा है। ये संगठन चांग, खिआम्नियुंगन, कोन्याक, फोम, संगतम, तिखिर और यिमखिउंग समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है।
राज्य की एकमात्र लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल को वोटिंग
राज्य में नगालैंड लोकसभा क्षेत्र एकमात्र सीट है। यहां 19 अप्रैल को पहले फेज में वोटिंग होगी। आदिवासी ईसाई बहुल नगालैंड सीट वर्तमान में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन के पास है।
2019 लोकसभा चुनाव में नगालैंड लोकसभा सीट पर 4 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस की ओर से केएल चिशी, नेशनल पीपुल्स पार्टी के हायुथंग तोंगे के अलावा नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) के टिकट पर निवर्तमान सांसद तोखेहो येपथेमी उम्मीदवार थे। डॉक्टर एमएम थारोमवा निर्दलीय प्रत्याशी थे।
मुख्य मुंकाबला कांग्रेस और NDPP के बीच था। हालांकि, NDPP के तोखेहो येपथेमी ने कांग्रेस प्रत्याशी केएल चिशी को 16 हजार 344 वोटों से हराया था।