पाकिस्तान और अफगान तालिबान में फिर शुरू हुई जंग! बॉर्डर पर रात भर भीषण गोलीबारी, पाकिस्तानी सेना 20 पोस्ट छोड़कर भागी

Updated on 06-12-2025 12:28 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शुक्रवार देर रात सीमा पर भारी गोलीबारी हुई है, जिसके बाद पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति और बिगड़ गई है। दोनों तरफ के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। इसके पहले सप्ताह की शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच रियाद में शांति वार्ता नाकाम हो गई थी। अभी तक अधिकारियों ने किसी के मारे जाने की कोई जानकारी नहीं दी है। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान पर कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में हमले किए। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने अफगान सेना पर बिना किसी उकसावे के चमन सीमा पर हमला करने का आरोप लगाया।

पाकिस्तानी सेना पोस्ट छोड़कर भागी

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान पूरी तरह से अलर्ट है और अपनी क्षेत्रीय अखंडता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।' पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच भारी तनाव बना हुआ है। अफगान न्यूज आउटलेट खुरासान मीडिया ने शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान सेना 20 से ज्यादा चौकियों को छोड़कर भाग गई है।

पाकिस्तान ने शुरू किया पहले हमला

स्थानीय सूत्रों के कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने आम लोगों पर रॉकेट दागे जिससे स्पिन बोल्डक में लोगों को बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ा है। इसके बाद अफगान सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ भारी ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में बताया है कि लड़ाई का पहला राउंड पाकिस्तान ने शुरू किया था।
इसके पहले हाल ही में दोनों पड़ोसी देशों के प्रतिनिधि शांति वार्ता के नए दौर के लिए सऊदी अरब में मिले थे, लेकिन बातचीत बिना किसी सफलता के खत्म हो गई। हालांकि, दोनों पक्ष अपने युद्धविराम को जारी रखने पर सहमत हुए थे। रियाद में हुई यह बैठक कतर और तुर्की में हुई बैठकों के बाद सबसे नई थी

पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव की वजह

पाकिस्तान इस समय खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत मे बुरी तरह चरमपंथी हिंसा से जूझ रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे चरमपंथियों ने हाल ही में देश के अंदर हमले किए हैं, जिसमें कथित तौर पर अफगान नागरिकों से जुड़े आत्मघाती बम विस्फोट भी शामिल हैं। काबुल की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है और पाकिस्तान में हिंसा को उसकी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां बताया है।
तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान की अंदरूनी सुरक्षा चुनौतियों के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इसके पहले तालिबान शासित अफगान सेना और पाकिस्तानी सेना के बीच अक्टूबर में भीषण झड़प हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों से दर्जनों लोग मारे गए थे। यह हिंसक झड़प 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने के बाद से बॉर्डर पर सबसे गंभीर हिंसा थी। बाद में कतर और तुर्की की मध्यस्थता में दोहा में हुई बातचीत में दोनों पक्ष 19 अक्टूबर को युद्धविराम पर सहमत हुए थे।
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