भारत से बड़ी हथियार डील कर सकता है UAE, पाकिस्तानी कबाड़ JF-17 जेट को मारी लात, ब्रह्मोस सौदा कहां फंसा?

Updated on 20-01-2026 01:12 PM
नई दिल्ली/अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), भारत से रक्षा समझौते के तहत करोड़ों डॉलर के डिफेंस डील कर सकता है। खासकर UAE भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की डील कर सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपना जलवा दिखाया था। पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ब्रह्मोस ने कैसे तबाह किया था, पूरी दुनिया ने उसे देखा है। इसीलिए भारतीय ब्रह्मोस की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। फिलीपींस पहले ही ब्रह्मोस खरीद चुका है और उसने और ब्रह्मोस के लिए ऑर्डर दे रखे हैं। इस बीच UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) ने जब सोमवार को भारत का दौरा किया, तो एक अहम रक्षा समझौता किया गया है। इसके तहत भारत और UAE मिलकर हथियारों का निर्माण करेंगे।

पाकिस्तान J-17 लड़ाकू विमान की बिक्री को लेकर लगातार झूठ बोल रहा है। उसने इस महीने की शुरूआत में इंडोनेशिया और सऊदी अरब के साथ साथ कई देशों को J-17 लड़ाकू विमान बेचने का दावा किया था। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान के ये दावे पूरी तरह से झूठे हैं। लेकिन भारत के घातक ब्रह्मोस को कई देश खरीदना चाहते हैं। नवभारत टाइम्स को जानकारी मिली है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक रक्षा सहयोग समझौता अपने आखिरी चरण में पहुंच रहा है। वहीं दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल सौदे को लेकर बात चल रही है। हालांकि कुछ अड़चनें हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
भारत और UAE के बीच ब्रह्नोस पर कहां फंसी है बात?
संयुक्त अरब अमीरात भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहता है। लेकिन  पता चला है कि MTCR (290 किलोमीटर रेंज लिमिट) का अड़चन आ रहा है, जिसे दूर करने के उपाय खोजे जा रहे हैं। इसके अलावा रूस से भी मंजूरी लेने की जरूरत है और उसपर क्या डेवलपमेंट हैं, फिलहाल इसकी जानकारी हमें नहीं मिल पाई है। लेकिन UAE के राष्ट्रपति के नई दिल्ली दौरे के दौरान भारत की उभरती डिफेंस इंडस्ट्री और पावर डायनामिक्स में उनकी दिलचस्पी साफ तौर पर देखी गई है। ब्रह्मोस कोई साधारण हथियार नहीं है और भारत के MTCR में शामिल होने के बाद इसकी रेंज को बढ़ाकर 450 किलोमीटर से ज्यादा किया जा चुका है। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम यानि MTCR का सदस्य नहीं है। नवभारत टाइम्स को ये भी पता चला है कि भारत और यूएई के बीच 'सरकार से सरकार' स्तर पर ब्रह्मोस समझौते को लेकर बात चल रही है।

पाकिस्तान, यूएई को भी J-17 फाइटर जेट बेचने की योजना बना रहा था, लेकिन यूएई ने उसे लात मार दी है। UAE भारत से खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की योजना बना रहा है। कुछ दिन पहले, UAE के राष्ट्रपति पाकिस्तान गए थे। वह सिर्फ दो घंटे के लिए नूर खान एयरबेस पर आए थे और डिप्लोमेसी या भविष्य की डील पर बातचीत करने के बजाय, पाकिस्तान में उनका ज्यादातर समय दुर्लभ पक्षियों का शिकार करने और पाकिस्तानी सेना के फौजी फाउंडेशन को एक अरब डॉलर का दान करने में बीता था।
Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 28 April 2026
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह बीते कुछ समय से लगातार चर्चा में है। अपने मंत्रियों पर आरोपों को लेकर घिरे बालेन शाह अब एक नए विवाद में फंस गए…
 28 April 2026
त्रिपोली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ऑयल इंडिया के लिए लीबिया से अच्छी खबर आई है, जहां उसे तेल…
 28 April 2026
न्यूयॉर्क: रूस ने बहुत बड़ी घोषणा करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन कर दिया है। ये अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत और चीन के…
 28 April 2026
बिश्केक: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान आतंकवाद को लेकर चीन और पाकिस्तान को एक साथ नसीहत दी है। किर्गिस्तान के बिश्केक में…
 28 April 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना है कि यूएस मिलिट्री के पास अभी हाइपरसोनिक हथियारों या रूस और चीन जैसे दुश्मनों के पास मौजूद एडवांस्ड क्रूज…
 27 April 2026
दुबई: पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के संबंध मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान ने यूएई के कहने पर उसका पूरा कर्ज चुका दिया है। पाकिस्तान…
 27 April 2026
इस्लामाबाद: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के…
 27 April 2026
मॉस्को/नई दिल्ली: रूस के लीगल इन्फॉर्मेशन पोर्टल ने हाल ही में भारत के साथ पिछले साल हुए "लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के आपसी आदान-प्रदान" यानि RELOS सैन्य लॉजिस्टिक्स समझौते की जानकारी दी है।…