
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं से यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपी TMC नेता शेख शाहजहां को बशीरहाट कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। शेख को बंगाल पुलिस ने गुरुवार सुबह नॉर्थ 24 परगना के मीनाखान इलाके से उसे गिरफ्तार किया था। वह 55 दिन से फरार था।
शाहजहां की गिरफ्तारी को लेकर साउथ बंगाल के ADG सुप्रतिम सरकार ने कहा कि वह 5 जनवरी को ED अफसरों पर हुए हमले के मुख्य आरोपियों में शामिल था। उसे इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
बेल के लिए वकील हाईकोर्ट पहुंचा, कोर्ट बोली- गिरफ्तार ही रहने दो
गिरफ्तारी के तुरंत बाद शेख शाहजहां के वकील जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने कहा, "उसे गिरफ्तार ही रहने दो। अगले 10 साल तक ये आदमी आपको बहुत व्यस्त रखेगा। आपको इस केस के अलावा कोई और चीज देखने का मौका नहीं मिलेगा। उसके खिलाफ 42 केस दर्ज हैं। वो फरार भी था। जो कुछ भी आपको चाहिए, आप सोमवार को आइए। हमारे पास उसके लिए कोई सहानुभूति नहीं है।"
संदेशखाली के मामलों की जांच में वक्त लगेगा- पुलिस
जब सुप्रतिम सरकार से पूछा गया कि क्या शेख शाहजहां पर सेक्शुअल असॉल्ट का कोई मामला है, तो उन्हें बताया कि इस गिरफ्तारी में सेक्शुअल असॉल्ट का कोई मामला नहीं है। शाहजहां के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। 7, 8 और 9 फरवरी को जो मामले दर्ज हुए हैं, वे सभी 2-3 साल पहले की घटनाओं के हैं, पर जांच-पड़ताल में समय लगेगा।
शुभेंदु अधिकारी बोले- शाहजहां ने पुलिस से डील कर ली है, फाइव स्टार सुविधाएं मिलेंगीं
पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि शेख शाहजहां को गिरफ्तार तो कर लिया गया है, लेकिन वह एक डील के तहत कल रात 12 बजे से ममता पुलिस की सुरक्षित कस्टडी में है। कल रात पुलिस उसे बेरमजूर-II में ग्राम पंचायत इलाके में ले गई थी, जहां उसने प्रभावशाली मध्यस्थों की मदद से ममता की पुलिस से डील की कि पुलिस कस्टडी और ज्यूडिशियल कस्टडी में उसकी अच्छे से देखभाल की जाएगी। जेल में उसे फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगीं। यहां तक कि उसे फोन भी दिया जाएगा जिसकी मदद से वह तोलामूल पार्टी को वर्चुअली चला सकेगा।
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार बोले- भाजपा ने दबाव डाला, तब सरकार ने गिरफ्तारी की
शेख शाहजहां की गिरफ्तारी को लेकर बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा की तरफ से लगातार इस मुद्दे पर प्रदर्शन किए गए, जिसकी वजह से बंगाल सरकार उसे गिरफ्तार करने को मजबूर हुई। सरकार तो अब तक शेख शाहजहां को आरोपी मानने से ही इनकार कर रही थी।
शाहजहां और उसके दो साथियों पर महिलाओं से गैंगरेप का आरोप
संदेशखाली में शेख शाहजहां और उसके दो साथियों शिबू हाजरा और उत्तम सरदार पर आरोप है कि वे महिलाओं का लंबे समय से गैंगरेप कर रहे थे। इस केस में शिबू हाजरा और उत्तम सरदार समेत 18 लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
शाहजहां शेख TMC का डिस्ट्रिक्ट लेवल का नेता है। राशन घोटाले में ED ने 5 जनवरी को उसके घर पर रेड की थी। तब उसके 200 से ज्यादा सपोर्टर्स ने टीम पर अटैक कर दिया था। अफसरों को जान बचाकर भागना पड़ा। तभी से शाहजहां फरार था।
हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा था- शाहजहां को गिरफ्तार करो
शाहजहां शेख की गिरफ्तारी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस शिवज्ञानम ने सोमवार को आदेश दिया था कि पुलिस हर हाल में 4 मार्च को अगली सुनवाई में शाहजहां को कोर्ट में पेश करे। उसकी गिरफ्तारी पर कोई स्टे नहीं है।
कोर्ट ने हैरानी जताई कि संदेशखाली में अत्याचार की घटनाओं की सूचना 4 साल पहले पुलिस को दी गई थी। यौन उत्पीड़न समेत 42 मामले हैं, लेकिन उनमें चार्जशीट दायर करने में चार साल लगा दिए गए।
नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली में हुआ क्या है
नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं ने TMC नेता शेख शाहजहां और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। इसके बाद संदेशखाली में स्थानीय महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। शाहजहां कैसे मजदूर से माफिया बना
आरोपी शाहजहां संदेशखाली में कहां से आया, ये कोई नहीं जानता। 2000-2001 में वो मत्स्य केंद्र में मजदूर था। सब्जी भी बेची। फिर ईंट-भट्ठे पर काम करने लगा। यहीं उसने मजदूरों की यूनियन बनाई। फिर सीपीएम से जुड़ा।
सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में वामदलों की जमीन खिसकी तो 2012 में वो तृणमूल के तत्कालीन महासचिव मुकुल रॉय और उत्तर 24 परगना जिले के ताकतवर नेता ज्योतिप्रिय मलिक के सहारे पार्टी से जुड़ गया। जिस राशन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय शाहजहां को खोज रहा है, उसी केस में मलिक जेल में हैं। गांव वालों ने बताया कि शाहजहां के पास सैकड़ों मछली पालन केंद्र, ईंट भट्ठे, सैकड़ों एकड़ जमीन हैं। वो 2 से 4 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक है।
ED अफसरों पर शेख समर्थकों ने ही हमला किया था
पश्चिम बंगाल में कोरोना के दौरान कथित तौर पर हुए हजारों करोड़ रुपए के राशन घोटाले में ED ने 5 जनवरी को राज्य में 15 ठिकानों पर छापा मारा था। टीम नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव में शेख शाहजहां और शंकर अध्य के घर भी रेड डालने गई थी। इस दौरान उन पर TMC समर्थकों ने जानलेवा हमला किया था। इसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इसके बाद से शाहजहां फरार है। शेख शाहजहां के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।