नई दिल्ली: अगर कड़ी मेहनत की जाए तो बड़ी से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है। लेकिन सफलता हासिल करने के लिए कई बार सख्त फैसले लेने पड़ते हैं। जो लोग रिस्क लेने से पीछे नहीं हटते वह बुलंदियों पर जरूर पहुंचते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है उपासना टाकू ने। एक समय पर वह अमेरिका में अच्छी नौकरी कर रही थीं। उपासना ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 17 वर्षों तक विदेश में काम किया। उन्होंने कई कंपनियों में नौकरी की। लेकिन वह अपना खुद का कारोबार करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने अमेरिका में अपनी अच्छी जॉब को छोड़ दिया और भारत वापस लौटने का फैसला किया। उपासना के परिवार ने इसका विरोध भी किया। उपासना जानती थी कि अमेरिका में अपने बने बनाए करियर को छोड़कर नया बिजनेस स्टार्ट करने का ये कदम जोखिम भरा हो सकता है लेकिन फिर भी वो अपने फैसले पर टिकी रहीं। आज सफल कारोबारी महिलाओं की लिस्ट में एक नाम उपासना टाकू का भी आता है। वह मोबिक्विक (MobiKwik) की सीईओ हैं।कई कंपनियों में किया काम
उपासना ने इंजीनियरिंग की हुई है। यह डिग्री उन्होंने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (PTU) से हासिल की। फिर उपासना ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट साइंस और इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई कंपनियों में काम किया। उपासना ने PayPal में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम किया है। इसके अलावा HSBC कम्पनी में भी उन्होंने जॉब की है। वह पहले अमेरिका में रहती थीं। लेकिन, 2008 में अपना कारोबार शुरू करने के लिए वह भारत लौटी थीं।
ऐसे हुई शुरुआत
उपासना की साल 2008 में भारत लौटने के बाद बिपिन प्रीत सिंह से मुलाकात हुई। साल 2009 में दोनों ने साथ में मिलकर ही बिजनेस की शुरुआत की। बिपिन ने MobiKwik के लिए अपना बिजनेस कांसेप्ट तैयार किया था, लेकिन वो अपनी नौकरी छोड़कर इस बिजनेस को शुरू नहीं कर पाने की वजह से काफी परेशान थे। तब उपासना ने बिपिनप्रीत का साथ दिया और दोनों ने मिलकर साल 2009 में बिजनेस को शुरू किया। उस समय शुरू की गई MobiKwik नाम की छोटी सी कंपनी आज फिनटेक इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुकी है। रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी का टर्नओवर करीब 8 हज़ार करोड़ रुपये है।