
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने साफ किया है कि वो अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए अडाणी ग्रुप से बातचीत नहीं कर रही है। इससे पहले कल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पेटीएम के फाउंडर और CEO विजय शेखर शर्मा ने डील को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को अहमदाबाद में गौतम अडाणी से मुलाकात की।
वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने बयान जारी करते हुए कहा- हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ये खबरें अटकलें हैं और कंपनी इस संबंध में किसी भी चर्चा में शामिल नहीं है। डील पर बातचीत नहीं होने की खबरों के बीच पेटीएम के शेयर में आज 29 मई को 5% की तेजी देखने को मिल रही है। यह 7.10 रुपए (4.99%) चढ़कर 359.45 रुपए पर कारोबार कर रहा है।
मुश्किलों से गुजर रही है पेटीएम
RBI ने इसी साल पेटीएम पेमेंट बैंक पर रोक लगाई थी। इसके चलते पेटीएम के फास्टैग और पेटीएम वॉलेट भी बंद हो गया। इससे कंपनी को काफी नुकसान हुआ। इस साल अब तक कंपनी के शेयर में 44% की गिरावट देखने को मिली है।
पेटीएम का घाटा 228% बढ़ा
वन 97 कम्युनिकेशंस को वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 550 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 की समान तिमाही में घाटा 167.5 करोड़ रुपए था। यानी, कंपनी का घाटा 228% बढ़ गया है।
कंपनी के रेवेन्यू यानी आय में भी गिरावट आई है। जनवरी-मार्च तिमाही में पेटीएम का ऑपरेशन से रेवेन्यू 2,267 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की समान तिमाही में रेवेन्यू 2,334 करोड़ रुपए था। यानी, चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 3% गिर गया।
2009 में हुई थी पेटीएम की शुरुआत
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने अगस्त 2009 में पेटीएम पेमेंट ऐप को लॉन्च किया था। देश में पेटीएम के 30 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं।
पेटीएम में विजय शेखर की 19% हिस्सेदारी
विजय शेखर शर्मा के पास पेटीएम की लगभग 19% हिस्सेदारी है। इसमें डायरेक्ट हिस्सेदारी 9% और रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट के जरिए 10% है। इस साल फरवरी में सॉफ्ट बैंक ने पेटीएम में अपनी मेजोरिटी स्टेक बेच दी थी।
इस जापानी इन्वेस्टर की जनवरी में हिस्सेदारी 5% थी। वहीं 2021 में आईपीओ के दौरान उसकी हिस्सेदारी 18.5% के करीब थी। पिछले साल वॉरेन बफे की बर्कशायर हैथवे ने भी कथित तौर पर पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी।