
केरल में मतदान से ठीक 16 दिन पहले लव जिहाद के मुद्दे से सियासत में नया मोड़ आ गया है। यहां की सबसे बड़ी कैथोलिक संस्था सायरो मालाबार चर्च अगले दो हफ्ते में 14 से 19 साल के ईसाई किशोरों को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ दिखाने जा रही है। इसकी स्क्रीनिंग रविवार की प्रार्थना के बाद 500 चर्चों में की जाएगी।
ईसाई बहुल इडुक्की में संस्था के मीडिया प्रभारी फादर जिन्स काराक्कट का कहना है कि हमारा मुख्य उद्देश्य लव जिहाद रोकना है। इसलिए स्क्रीनिंग रखी है। सायरो मालाबार चर्च का मुख्यालय कोच्चि में है और यह देश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी ईसाई संस्था है। इसके 46 लाख से ज्यादा सदस्य हैं। यह चर्च 4860 शैक्षिक, 262 धार्मिक और 2614 स्वास्थ्य व चैरिटेबल संस्थान चला रही है।
बीते 2 से 4 अप्रैल को जब चर्च ने इडुक्की में 30 जगह फिल्म दिखाई तो कांग्रेस और CPI(M) विरोध में उतर आए थे। पिछले दिनों जब दूरदर्शन ने इस फिल्म का प्रसारण किया, तब कांग्रेस और सीपीआईएम ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी।
पहले मीटिंग, फिर स्क्रीनिंग, बुकलेट भी बांट रहे
फादर काराक्कट के मुताबिक प्रशिक्षण वर्ग में फिल्म की स्क्रीनिंग के पहले किशोरों को लव जिहाद के नुकसान बताएंगे। बाद में लव जिहाद जैसे षड्यंत्रों से बचने के तरीके बताने वाली बुकलेट भी दी जाएगी, ताकि बच्चे इस मुद्दे को अच्छे से समझ सकें। वहीं, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन का कहना है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से अनुमति मिली है और चर्च को फिल्म की स्क्रीनिंग का पूरा अधिकार है।
कांग्रेस को समर्थन देने वाला चर्च इस बार भाजपा के करीब दिख रहा
केरल की 20 लोकसभा सीटों पर 26 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग है। राज्य में 18.38% ईसाई वोट हैं। सायरो चर्च का 8 सीटों पर ज्यादा प्रभाव है। चर्च बीते चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देता आया हैं, लेकिन अब लव जिहाद के मुद्दे पर चर्च और कांग्रेस में तकरार बढ़ी है।
लव जिहाद का मुद्दा होने से भाजपा चर्च के बचाव में उतरी है। भाजपा 3 साल से सायरो चर्च को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी भी चर्च के बिशप से कई दौर की बातचीत कर चुके थे, लेकिन मणिपुर हिंसा के चलते 8 महीने पहले चर्चों ने भाजपा से दूरी बना ली। अब लव जिहाद के विरोध पर वह चर्च के साथ सुर मिला रही है।