1% से भी कम भारतीय मसाले विदेश में होते हैं रिजेक्ट, फिर क्यों मची है हायतौबा!
Updated on
16-05-2024 01:27 PM
नई दिल्ली: कई देशों में MDH और एवरेस्ट के मसालों पर उठे सवालों के बीच कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि जांच के लिए एक टेक्नो- साइंटिफिक कमिटी बनाई गई। इसकी सिफारिशों के आधार पर निर्यातकों को निर्देश दिया गया है कि वे हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर भेजे जाने वाले मसालों में एथिलीन ऑक्साइड (ETO) की अनिवार्य रूप से जांच करें। इस बीच, न्यूजीलैंड में भी इन दो कंपनियों के मसालों की मॉनिटरिंग होने की रिपोर्ट आई है। सिंगापुर हॉन्ग कॉन्ग ने चार मसाला प्रॉडक्ट मार्केट से वापस लेने का आदेश दिया था। मंत्रालय में अडिशनल सेक्रेटरी अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा, 'करीब 200 किलोग्राम मसालों को रिकॉल किया गया है। 2023-24 में भारत से EU, अमेरिका और मिडल ईस्ट सहित तमाम देशों में 1.41 करोड़ टन मसालों का निर्यात हुआ था। उसके सामने 200 किलो काफी कम मात्रा है। भारतीय मसालों का रिजेक्शन रेट 1% से कम रहता है।'