ईरान युद्ध का असर, अमेरिका में फूटने वाला है महंगाई बम, एशिया से सप्लाई का संकट भी बढ़ा
Updated on
27-04-2026 06:03 PM
नई दिल्ली: ईरान युद्ध की आग में अब अमेरिका के आम लोग भी झुलसने लगे हैं। देश में आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमत में काफी इजाफा होना तय है। देश में फूड और वेबरेज कंपनियों के लिए महंगाई यानी एवरेज स्पॉट इनफ्लेशन मार्च में पिछले साल के मुकाबले 7.9 फीसदी तेजी आई जो पिछले 12 महीने में सबसे अधिक है। फरवरी में यह आंकड़ा 4.2 फीसदी था। यानी महीने के आधार पर देखें तो इसमें 373 बेसिस पॉइंट की तेजी आई।सबसे ज्यादा तेजी टमाटर की कीमत में रही। मार्च में पिछले साल के मुकाबले इसमें 102 फीसदी तेजी रही। इसी तरह सब्जियों की महंगाई में 90 फीसदी और डीजल में 88 फीसदी उछाल आई। इसकी सबसे बड़ी वजह हाल में कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी है। ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में भी पेट्रोल और डीजल की कीमत में काफी तेजी आई है। होर्मुज संकट के कारण दुनिया में तेल की सप्लाई टाइट हो गई है। इससे इसकी कीमत में तेजी आई है। इस बीच अमेरिका ने भी कच्चे तेल का एक्सपोर्ट बढ़ा दिया है।रिटेल महंगाई पर असर
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी काफी तेजी आई है। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले नाइट्रोजन फर्टिलाइजर यूरिया की कीमत फरवरी से दोगुना हो चुकी है। इससे किसानों के लिए लागत बढ़ रही है। इस वजह से थोक महंगाई में तेजी आई है और इसका असर रिटेल महंगाई पर भी देखने को मिलेगा। साथ ही एशिया में बिगड़ते हालात से भी अमेरिका पर असर पड़ेगा।ईरान युद्ध का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर दिख रहा है क्योंकि उनका अधिकांश तेल पश्चिम एशिया से ही आता है। तेल की सप्लाई कम होने से एशिया के कई देशों में उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इसका सीधा असर अमेरिका पर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में बिकने वाला करीब आधा माल एशिया से आता है। अगर एशिया की फैक्ट्रियों में सप्लाई टाइट होगी तो अमेरिका को भी शॉर्टेज का सामना करना पड़ सकता है।अमेरिका में महंगाई
- अमेरिका में मार्च में एवरेज स्पॉट इनफ्लेशन में 7.9% तेजी आई
- टमाटर, सब्जी और डीजल की महंगाई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
- इसकी सबसे बड़ी वजह हाल में कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी है
- क्रूड बढ़ने से फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी इजाफा
- साथ ही एशिया में बिगड़ते हालात से भी अमेरिका पर असर पड़ेगा