फ्रांस की वाइन पर 200 फीसदी टैरिफ लगा दूंगा, ट्रंप ने गाजा पीस बोर्ड में शामिल नहीं होने पर मैक्रों को दी धमकी

Updated on 20-01-2026 01:14 PM
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस पर भी दूसरे देशों को टैरिफ की धमकी देना शुरू कर दिया है। ट्रंप की इस धमकी का पहला निशाना फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बने हैं। ट्रंप ने कहा है कि फ्रांस अगर गाजा के बोर्ड में आने के अमरिकी न्योते को ठुकराता है तो उसका इसका खामियाजा टैरिफ के तौर पर भुगतना पड़ सकता है। ट्रंप ने फ्रांस की वाइन पर 200 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप का यह बयान अमेरिका और फ्रांस में तनाव बढ़ा सकता है क्योंकि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर पहले ही दोनों देशों में तकरार दिख रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बोर्ड ऑफ पीसका ऐलान करते हुए भारत, पाकिस्तान समेत कई देशों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के इस न्योते पर दुनिया में कोई उत्साह नहीं दिखा है। ज्यादातर देशों ने इस पर चुप्पी साध रखी है। वहीं फ्रांस और कनाडा समेत कुछ देशों ने इसमें शामिल नहीं होने का संकेत दिया है।

फ्रांस पर क्या बोले हैं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बोर्ड ऑफ पीस पहल में शामिल होने के लिए मजबूर कर सकते हैं। एक रिपोर्टर ने ट्रंप से मैक्रों के बोर्ड में शामिल ना होने पर सवाल किया था। इस ट्रंप ने कहा कि कोई उन्हें नहीं चाहता और वह बहुत जल्द ऑफिस से बाहर हो रहे हैं।इसके आगे ट्रंप ने कहा, 'मैं उनकी (फ्रेंच) वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाऊंगा और वह शामिल हो जाएंगे लेकिन उन्हें इसकी जरूरत नहीं है।' मैक्रों के करीबी एक सूत्र ने सोमवार को कहा है कि फ्रांस ट्रंप की इस पहल में शामिल होने का न्योता ठुकरा देगा। इसी पर ट्रंप की ओर से यह जवाब आया है।

कनाडा-फ्रांस का बोर्ड पर रुख

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी के हवाले से एएफपी ने बताया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केबोर्ड ऑफ पीसमें शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने का इरादा नहीं रखते हैं।एएफपी ने यह भी बताया कि कनाडा बोर्ड में शामिल होने के लिए पेमेंट नहीं करेगा। हालांकि कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने संकेत दिया कि वह इस संस्था में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल किए गए हैं। इस बोर्ड ऑफ पीस की स्थायी सदस्यता के लिए देशों को 1 अरब डॉलर यानी यानी करीब नौ हजार करोड़ भारतीय रुपए देने होंगे। वहीं इसमें शामिल ना होने पर ट्रंप टैरिफ की धमकी पर उतर आए हैं, जो वह लगातार कई मामलों में कर रहे हैं।
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