नई दिल्ली: भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े रईस गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाला अडानी ग्रुप (Adani Group) डिजिटल पेमेंट्स और ई-कॉमर्स सेक्टर में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप यूपीआई लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकता है। साथ ही अडानी ग्रुप की को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने की भी योजना है। इसके लिए उसकी कई बैंकों के साथ बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक ग्रुप ओएनडीसी के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग सर्विसेज मुहैया कराने पर भी विचार कर रहा है। अगर यह योजना सफल होती है तो अडानी ग्रुप अपने सुपरऐप अडानी वन के जरिए ये सर्विसेज दे सकता है। यह ऐप 2022 में लॉन्च किया गया था। इसके जरिए कंपनी फ्लाइट और होटल बुकिंग जैसी सर्विसेज देता है।अडानी ग्रुप के कंज्यूमर बिजनसेज के सीनियर वाइस-प्रेजिडेंट और चीफ डिजिटल ऑफिसर नितिन सेठी ने दिसंबर 2022 में एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा था कि हमारा सामूहिक प्रयास एक डिजिटल ट्विन बनाने का है जो अंतत: हमारे परंपरागत बिजनसेज के समानांतर होगा। पिछला साल अडानी ग्रुप के लिए काफी उथलपुथल भरा रहा था। जनवरी में हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट से ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। इससे ग्रुप का मार्केट कैप 150 अरब डॉलर से अधिक गिर गया था। लेकिन अब ग्रुप ने काफी हद तक इसकी भरपाई कर ली है। ग्रुप के कई शेयर हिंडनबर्ग रिसर्च से पहले के दौर में पहुंच चुके हैं।
अडानी की नेटवर्थ
गौतम अडानी की नेटवर्थ में इस साल 25 अरब डॉलर की तेजी आई है। वह 109 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 13वें नंबर पर है। अडानी एशिया और भारत में मुकेश अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की नेटवर्थ 114 अरब डॉलर है। इस साल उनकी नेटवर्थ 17.3 अरब डॉलर बढ़ी है। अंबानी और अडानी की नेटवर्थ में अब केवल पांच अरब डॉलर का फासला रह गया है। अडानी ग्रुप का कारोबार पोर्ट्स से लेकर पावर तक कई सेक्टर्स में फैला है। ग्रुप की दस लिस्टेड कंपनियां हैं।