ऐसे पहचानेंगे अधिकारी
ऐसे मामलों में क्लेम से जुड़े पीडीएफ के आखिरी हिस्से में एक मेसेज दिखाई देगा। इसमें लिखा होगा कि बैंक ने बैंक केवाईसी को ऑनलाइन वेरिफाई किया है और एम्प्लॉयर ने इसे डिजिटली साइन किया है। इसलिए चेक लीफ/अटेस्टेड बैंक पासबुक की इमेज अपलोड करना अनिवार्य नहीं है। ऐसे क्लेम की जांच करने वाले अधिकारियों की सुविधा के लिए जल्दी की कलर टैग की सुविधा दी जाएगी। इससे वे ऐसे मामलों को रिटर्न करने से बच सकेंगे। ईपीएफओ के छह करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर हैं। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। एम्प्लॉयर की तरफ से जमा किए जाने वाले पैसों में से 8.33% हिस्सा ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) में जाता है, जबकि बचा हुआ 3.67% हिस्सा ईपीएफ में जाता है।