इजरायली PM नेतन्याहू ने तीसरी बार टाली भारत यात्रा, मोसाद को मिला खतरे का इनपुट? क्या अल-फलाह से खतरा खत्म नहीं हुआ?

Updated on 25-11-2025 01:37 PM
तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस साल तीसरी बार भारत यात्रा टल गई है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद नेतन्याहू के भारत दौरे को फिलहाल टाल दिया गया है। अब अगले साल किसी नये तारीख पर इजरायली प्रधानमंत्री की यात्रा हो सकेगी, जिसको लेकर आगे फैसला किया जाएगा। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दिल्ली में हुआ बम धमाका, जो पिछले कई सालों के बाद हुआ सबसे भीषण धमाका था, उसके बाद इजरायली सुरक्षा एजेंसियों ने नेतन्याहू के दिल्ली दौरे को फिलहाल टालने का फैसला किया है।

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दिल्ली में आतंकी हमले और नेतन्याहू के भारत दौरे के बीच संभावित संबंधों को लेकर इजराइल की खुफिया एजेंसियों ने गंभीर समीक्षा शुरू कर दी है। कुछ विश्लेषकों ने तो यहां तक सुझाव दिया है, कि क्या इस यात्रा को निशाना बनाकर भारतीय जमीन पर इजराइली नेतृत्व पर हमला करने की कोई योजना तो नहीं बनाई गई थी। हालांकि अभी तक इस बाबत कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगे हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री को भारत में खतरा था?
इजरायली मीडिया नेटवर्क i24NEWS ने बताया है कि नेतन्याहू अब अपनी यात्रा के लिए अगले वर्ष की कोई नई तारीख तय करने की कोशिश करेंगे, जो सुरक्षा समीक्षा पर निर्भर करेगी। पहले उम्मीद थी कि वे इस वर्ष के अंत से पहले भारत आएंगे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि कम से कम अगले कुछ महीनों तक यह यात्रा संभव नहीं है। यह तीसरी बार है जब उनकी भारत यात्रा स्थगित हुई है। इससे पहले भी उन्होंने 9 सितंबर को एक दिन की यात्रा रद्द कर दी गई थी, जब इजरायल में दोबारा चुनावों का ऐलान हुआ था। इसके अलावा, अप्रैल इलेक्शन से पहले भी उन्होंने प्रस्तावित दौरा टाल दिया था। कुछ लोगों ने इजरायली पीएम की भारत यात्रा कैंसिल होने को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जोड़ा है। इसीलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोसाद को कुछ पता है? क्या इजरायली प्रधानमंत्री भारत में कट्टर इस्लामिक तत्वों के निशाने पर हैं?
इन आशंकाओं अलावा कुछ घरेलू राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे हैं। माना जा रहा था कि गाजा युद्ध ने नेतन्याहू की वैश्विक छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है और वो अलग अलग देशों का दौरा कर अपनी छवि को फिर से सही करना चाहता है, ताकि घरेलू स्तर पर फायदा होगा। भारत यात्रा भी उनकी इसी कोशिश से जुड़ा था। जुलाई में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने पोस्टर जारी किया था, जिसमें उनकी तस्वीर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ दिखाई गई थी। ऐसा घरेलू समर्थन बढ़ाने के लिए किया गया था। लेकिन दिल्ली दौरान कैंसिल होना नेतन्याहू की घरेलू राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है?
Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 March 2026
वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह…
 07 March 2026
मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक 'बहुत बड़ी गलती' कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 07 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य…
 07 March 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहला पोस्ट आया है। इस पोस्ट में इजरायल को धमकी दी गई है। इसके साथ…
 06 March 2026
तेहरान/बीजिंग: अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी ने बुधवार को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। ईरान युद्ध के बीच ये हमला बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व रखता…
 06 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा…
 06 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश…
 06 March 2026
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके…