डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल और अहंकार में भारत से संबंध बर्बाद किया, दिग्‍गज अमेरिकी एक्सपर्ट फ्रांस‍िस फुकुयामा भड़के

Updated on 26-12-2025 01:16 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ और लेखक फ्रांसिस फुकुयामा ने डोनाल्ड ट्रंप की भारत को लेकर अपनाई गई नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फ्रांसिस फुकुयामा, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी निजी महत्वाकांक्षा और नोबेल पुरस्कार के लिए भारत और अमेरिका के बीच के रिश्ते को खराब कर दिया है। प्रोफेसर फ्रांसिस फुकुयामा ने फ्रांस-24 न्यूज से बात करते हुए कहा है कि "डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब कर दिए हैं क्योंकि पीएम मोदी ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन नहीं दिया। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रीय हित को अपनी निजी ईगो के आगे छोटा कर दिया है।"

फ्रांसिस फुकुयामा से पहले भी कई अमेरिकी थिंक टैंक, सांसद और अर्थशास्त्रियों ने भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। कई पूर्व अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स ने भी डोनाल्ड ट्रंप की भारत नीति की आलोचना की है। दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बार बार भारत को निशाना बनाया है। वो भारत की अर्थव्यवस्था, जो दुनिया में सबसे तेज दर से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, उसे 'मृत अर्थव्यवस्था' भी कह चुके हैं।
अमेरिका के राजनीतिज्ञ ने क्यों डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की?
फ्रांसिस फुकुयामा ने फ्रांस 24 से बात करते हुए कहा कि "ऐसा कोई वजह नजर नहीं आता, सिवाय इसके कि निजी ईगो के लिए। अमेरिका पिछले 30 सालों से चीन को काउंटर करने के लिए भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने की कोशिश करता आया है और डोनाल्ड ट्रंप ने उसे उठाकर फेंक दिया है। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी नोबेल पुरस्कार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं किया। उन्होंने (ट्रंप) अमेरिका-भारत जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक रिश्ते को कमजोर कर दिया।"प्रोफेसर फुकुयामा के मुताबिक, भारत के साथ साझेदारी अमेरिका के दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों से जुड़ी थी, लेकिन ट्रंप ने इसे संस्थागत नीति की बजाय व्यक्तिगत प्रशंसा और समर्थन से जोड़कर देखा। फुकुयामा की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अभी भी फाइनल नहीं हो पाया है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है, जिसमें 25 प्रतिशत कारोबारी टैरिफ और 25 प्रतिशत टैरिफ, रूस से तेल खरीदने के लिए है।
ट्रंप की नीतियों से कैसे बिगड़ गये भारत-अमेरिका संबंध?
भारत के रणनीतिक एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी, अमेरिका के पूर्व NSA जैक सुलिवन, डोनाल्ड ट्रंप के पहले प्रशासन के दौरान NSA रहे जॉन बोल्टन भी पिछले कुछ महीनों में अमेरिका की तरफ से भारत के खिलाफ उठाए गये कदमों की निंदा की है। इन एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप की 'सौदा' करने की नीति भारत के साथ संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ला चुकी है। कई एक्सपर्ट्स ने भारत और अमेरिका के बीच विश्वास का रिश्ता टूट जाने की भी बात कही है। जॉन बोल्टन ने पिछले दिनों कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से भारत से संबंध बिगाड़े हैं वो परेशान करने वाला है। इससे अमेरिका के राष्ट्रीय हित पर दीर्घकालिक गंभीर असर पड़ेगा।
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