
धुलेंडी (25 मार्च) के दिन उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आग लगने से झुलसे सेवक सत्यनारायण सोनी (80) की मौत हो गई। उन्होंने बुधवार सुबह मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। सत्यनारायण गंभीर रूप से झुलसे थे। पहले उन्हें इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर 8 अप्रैल को मुंबई के नेशनल बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया था।
महाकाल मंदिर में 25 मार्च की सुबह 5.49 बजे भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग से 14 लोग झुलस गए थे। घायलों में 9 को इंदौर रेफर किया गया था। 5 का इलाज उज्जैन में ही चला। पुजारी पुत्र मनोज शर्मा (43), पुजारी संजय शर्मा (50) और सेवक चिंतामण (65) अभी इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती हैं।
28 मार्च को आई थी मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट
घटना की जांच में सामने आया था कि आग केमिकल वाला गुलाल फेंकने से भड़की थी। कलेक्टर सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर मृणाल मीणा और ADM अनुकूल जैन को सौंपी थी। कमेटी से 28 मार्च तक रिपोर्ट मांगी गई थी।
4 पुजारी, 8 सेवक, 2 कर्मचारी घायल हुए थे