मनीला: अमेरिका ने जापान और फिलीपींस समेत कई सहयोगी देशों के साथ मिलकर सोमवार से फिलीपींस में बाल्किस्तान 2026 नौसैनिक अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास को जमीन से लेकर समुद्र तक में किया जा रह है। जापान की सेना भी दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार विदेशी जमीन पर सैन्य अभ्यास करने पहुंची है। इस 19 दिनों तक चलने वाले अभ्यास के दौरान जापान अपने मिसाइल सिस्टम और युद्धपोत को लेकर पहुंचा है। बाल्किस्तान सैन्य अभ्यास से चीन खौफ में आ गया है। चीन ने भी इन देशों को चुनौती देने के लिए शक्ति प्रदर्शन करना शुरू किया है। चीन ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर लिआओनिंग समेत 14 युद्धपोतों के साथ फिलीपींस के द्वीप समूह के पूर्व में ताइवान के पास नौसैनिक अभ्यास किया है।चीनी सेना के दक्षिणी थियटर कमांड ने शुक्रवार को कहा कि इस नेवल फ्लीट ने हाल ही में लूजोन के पूर्व में समुद्र के अंदर 'हाल ही में' एक नौसैनिक अभ्यास किया है। यह इलाका फिलीपींस के पास है। चीनी सेना ने कहा, 'यह अभ्यास वर्तमान क्षेत्रीय हालात के जवाब में आवश्यकता को देखते हुए उठाया गया है।' चीनी सेना का यही कमांड साउथ चाइना सी में सैन्य गतिविधि को देखता है। चीन ने यह अभ्यास तब किया है जब सोमवार को बाल्किस्तान 2026 संयुक्त अभ्यास शुरू हुआ है जो 19 दिनों तक चलेगा।चीनी नेवी के 14 युद्धपोत एक साथ आए नजर
अमेरिका और फिलीपींस के वार्षिक सैन्य अभ्यास को इस बार इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि जापान की सेना इसमें पहली बार हिस्सा ले रही है। यह अभ्यास भी ताइवान के पास हो रहा है जो चीन को सीधा संदेश है। चीनी सेना ने यह नहीं बताया कि उनके अभ्यास में कितने युद्धपोत शामिल थे लेकिन उसने यह बताया कि इसका नेतृत्व टाइप-055 गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रायर जूनयी ने किया। वहीं चीनी नौसेना की ओर से जारी तस्वीर में दिख रहा है कि जूनयी डेस्ट्रायर के साथ 4 युद्धपोत और थे।
चीनी नेवी ने कहा कि इस अभ्यास के दौरान लाइव फायर अभ्यास, हवा से लेकर समुद्र तक में समन्वय, तेजी से तैनाती और एकीकृत संयुक्त युद्धक क्षमता का परीक्षण करना था। चीनी नौसेना ने यह भी कहा कि वह आगे भी राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तथा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ऐसे अभ्यास करती रहेगी। साऊथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने नौसैनिक युद्धपोतों के एक विशाल बेड़े को तैनात किया है। इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर लिआओनिंग भी शामिल है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस एयरक्राफ्ट कैरियर ने अभ्यास में हिस्सा लिया या नहीं। सोशल मीडिया में एक तस्वीर सामने आई है जिसमें 14 चीनी युद्धपोत दिखाई दे रहे हैं।
फिलीपींस ने तैनात की ब्रह्मोस मिसाइल
बाल्किस्तान 2026 अभ्यास 8 मई तक चलेगा जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस और न्यूजीलैंड के सैनिक भी हिस्सा ले रहे हैं। फिलीपींस और अमेरिका की सेनाएं पहली बार Itbayat द्वीप पर समुद्री हमले का अभ्यास करेंगी। यह द्वीप ताइवान से मात्र 155 किमी दूर है। फिलीपींस की नौसेना भारत से खरीदी गई ब्रह्मोस मिसाइल को भी अभ्यास में शामिल कर रही है। ब्रह्मोस मिसाइल 290 किमी तक सुपरसोनिक रफ्तार से हमला करने में सक्षम है। जापान ने अपने 1400 सैनिकों का एक बड़ा दल भेजा है। इसके अलावा टाइप 88 सतह से युद्धपोत पर हमला करने वाली मिसाइल को शामिल किया गया है।