1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद से देश में कई फाइनेंशियल सुपरमार्केट्स उभरे हैं लेकिन वाघुल को इसका अगुआ माना जाता है। यह वाघुल की रणनीति ही थी जिसके दम पर आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने बड़ा मुकाम हासिल किया। इसी बैंक की देखादेखी आईडीबीआई (IDBI), यूटीआई (UTI) और एसबीआई (SBI) ने फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री के अलग-अलग एरिया में अपना विस्तार किया। बैंकिंग सेक्टर के एक और दिग्गज के वी कामत की भी स्वदेश वापसी का श्रेय वाघुल को ही जाता है। कामत एशियन डेवलपमेंट बैंक में काम कर रहे थे लेकिन आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन वाघुल के मनाने पर वह स्वदेश लौट गए। कामत ने ही कंज्यूमर लेंडिंग के बीज बोए थे। वाघुल देश की कई दिग्गज कंपनियों में बोर्ड में भी डायरेक्टर रहे। इनमें विप्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अपोलो हॉस्पिटल्स और मित्तल स्टील शामिल हैं।
