बाकू: पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शहबाज शरीफ इस वक्त अजरबैजान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारत और कश्मीर के खिलाफ जहर उगला है। अब अजरबैजान पहुंचकर शहबाज शरीफ ने आर्मेनिया के खिलाफ लड़ाई में मिली जीत को कश्मीर और फिलीस्तीन से जोड़ा है। ये वही पाकिस्तान है, जो गाजा में इजरायल और अमेरिका के कहने पर पाकिस्तानी सैनिकों को हमास से लड़ने भेज रहा है। वहीं, अजरबैजान ने इस मौके पर पाकिस्तान की क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सराहना की है।दरअसल, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने फील्ड मार्शल जिहादी असीम मुनीर के साथ अजरबैजान के विजय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दो दिनों के बाकू दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने भारत के खिलाफ जहरीले बोल बोले हैं। इस दौरान अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के दौरान दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। वही पाकिस्तान, जो कई दशकों से भारत में आतंकवादियों को भेजता रहा है।अजरबैजान में शहबाज शरीफ के जहरीले बोल
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को बाकू स्थित राष्ट्रपति भवन में अजरबैजान और पाकिस्तान के नेताओं के बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान वहां पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल जिहादी असीम मुनीर भी मौजूद थे। इस दौरान राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने आर्मेनिया के काराबाग क्षेत्र पर कब्जे में अजरबैजान की मदद करने के लिए पाकिस्तान का धन्यवाद किया। वहीं, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, शहबाज शरीफ अजरबैजान के कथित विजय दिवस की पांचवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेंगे।
बैठक के दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि "आर्मेनिया के खिलाफ अजरबैजान की जीत आत्मनिर्णय के लिए संघर्ष कर रहे उत्पीड़ित लोगों के लिए आशा की किरण है, जिसमें भारत द्वारा अवैध रूप से अधिकृत जम्मू और कश्मीर और फिलीस्तीन के लोग भी शामिल हैं।" शहबाज शरीफ ने विजय दिवस पर अजरबैजान की सरकार और जनता को बधाई दी, जो आर्मेनिया के खिलाफ 44 दिनों तक चले काराबाख युद्ध को लेकर मनाया जाता है।