
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह 6 महीने बाद आज तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 अप्रैल) को उन्हें दिल्ली शराब नीति केस में जमानत दी थी। लीगल प्रोसेस की वजह से कल रिहाई नहीं हो पाई।
संजय सिंह की पत्नी अनीता सिंह जमानत की प्रक्रिया पूरा करने के लिए बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंची। कोर्ट ने 2 लाख रुपए के जमानती बॉन्ड और इतने ही अमाउंट की सियोरिटी पर जमानत दे दी। संजय सिंह की पत्नी से 2 लाख का बॉन्ड भरा।
कोर्ट ने संजय सिंह की जमानत के लिए तीन शर्तें रखीं। पहला- वे जेल से बाहर जाकर आबकारी नीति केस से जुड़ी कोई बयानबाजी नहीं करेंगे। दूसरा- अपना पासपोर्ट सरेंडर करेंगे। दिल्ली से बाहर जाने पर जांच एजेंसी को बताएंगे और अपनी लाइव लोकेशन शेयर करेंगे।
ED ने बेल का विरोध नहीं किया
सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को सुनवाई के दौरान ED से सवाल किया कि क्या संजय सिंह को और ज्यादा दिन जेल में रखे जाने की जरूरत है। कोर्ट ने आगे कहा कि 6 महीने तक वे जेल में रहे। जैसी बहस हुई है उस आधार पर संजय सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।
ED बताए कि वो क्या करना चाहती है, क्योंकि अगर हमने ऑर्डर में लिख दिया कि इनके खिलाफ कोई केस नहीं बनता है तो ये आपके (ED) लिए नुकसानदेह हो सकता है। इस पर ED ने कहा कि हमें कोई दिक्कत नहीं है, इन्हें बेल दे दी जाए।
संजय सिंह पर क्या है आरोप
ED की चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने का जिक्र है। इसको लेकर ही 4 अक्टूबर को ED उनके घर पहुंची थी और उनसे 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।। दिल्ली शराब नीति केस में ED की दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट 2 मई को जारी की गई थी। जिसमें AAP सांसद राघव चड्ढा का भी नाम सामने आया था। हालांकि, उन्हें आरोपी नहीं बनाया।
संजय सिंह की मां राधिका सिंह ने जमानत पर क्या कहा
संजय सिंह की मां राधिका सिंह ने कहा- 2 मार्च की सुबह संजय से मिले थे, लेकिन जमानत के बारे में कुछ नहीं पता चला। भगवान ने हमारी सुन ली। उस दिन के बारे में मत पूछिए जब हमारा लड़का हमारे सामने गया, हम बहुत रोए हैं। जो ईमानदार रहता है उसकी भगवान कभी ना कभी सुनते हैं।
राधिका सिंह ने कहा- बिना किसी सबूत के ऐसे ही हमारे लड़के को पकड़ ले गए। वो बीमार है, पेट में तकलीफ है। हमारा बेटा निर्दोष है, ईमानदार है उसे बेल तो मिलनी ही थी। वैसे तो उसे जेल जाना ही नहीं था, लेकिन जबरदस्ती पकड़ कर ले गए थे। संजय जब घर आएंगे तो उसका दिल से स्वागत करेंगे।