भोपाल। शहर में मंगलवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। आसमान में घने काले बादल छा गए और ओले के साथ हुई करीब सवा घंटे की वर्षा और तेज आंधी से शहर में करीब दो दर्जन पेड़ धराशायी हो गए। गनीमत रही कि इससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि पीएचक्यू के सामने और रचना नगर समेत अन्य स्थानों पर पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हो गया। वहीं एमपी नगर में एक बड़ा पेड़ नीचे खड़ी कार पर जा गिरा, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार एमपी नगर जोन टू में यूनियन बैंक के सामने करीब 35 से 40 वर्ष पुराना एक पेड़ था। दोपहर में इसके नीचे एक कार खड़ी थी। तेज आंधी और बारिश शुरू होते ही यहां खड़ा पेड़ कार की छत पर जा गिरा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कांच भी टूट गए। यह कार निहारिका गर्ग की बताई जा रही है। इनके पिता सुरेश गर्ग सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता हैं। इस घटना के बाद उन्होंने प्रशासन से वृक्षों की छंटाई कराने की मांग की है।
एक घंटे तक बंद रहा रास्ता
पीएचक्यू के सामने खटलापुरा मंदिर के पास एक पुराना पेड़ गिर गया। जिससे दोनों ओर का रास्ता बंद हो गया। वहीं रचना नगर अंडरब्रिज के पास एक पेड़ गिरने से एमपी नगर जाने का रास्ता बंद हो गया। हालांकि सूचना मिलते ही मौके पर उद्यान शाखा के कर्मचारी पहुंचे और पेड़ो की छंटाई कर सड़क से हटाया। इस दौरान एक घंटे तक दोनों स्थानों पर सड़क जाम की नौबत रही, राहगीरों को लंबा घूमकर जाना पड़ा।
यहां से पेड़ गिरने की शिकायत
पुलिस आइटीआइ के पास, अरेरा कालोनी, व्यापम चौराहा, गांधी नगर नई बस्ती, नारायण नगर घर में, भाजपा कार्यालय, शारदा नगर, मारुति शोरुम मालवीय नगर, सिंधी कालोनी, खटलापुरा, एमपी नगर जोन टू, हाउसिंग बोर्ड कालोनी बागमुगालिया, सोनागिरी आदि।
200 से अधिक कालोनियों में बिजली गुल
राजधानी में आंधी और वर्षा की वजह से शहर की 200 से अधिक कालोनियों में बिजली गुल हो गई। इंद्रपुरी, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, भेल, अवधपुरी, कोलार रोड, परवलिया, बागमुगालिया समेत कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए थे। एमपी नगर, बिट्टन मार्केट, न्यू मार्केट, नबी बाग, बैरसिया रोड, सिटी एरिया में भी बिजली गुल रही। हालांकि, बारिश-आंधी थमने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने लगी।
25 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर मुआवजे के निर्देश
मंगलवार को जिले में हुई तेज वर्षा और ओलों की वजह से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़े के अनुसार करीब तीन हजार हेक्टेयर में फसलें चौपट हो गई हैं। जिसको देखते हुए प्रभारी कलेक्टर और एडीएम हरेंद्र नारायण ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में टीमों का गठन कर फसलों के सर्वे का काम शुरु कराने के निर्देश दिए हैं। नियमानुसार 25 प्रतिशत से अधिक फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा देने का प्रविधान है। हुजूर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने बताया कि हुजूर क्षेत्र में कई गांवों में वर्षा और ओले से फसलों को नुकसान हुआ है। जिसको देखते हुए सर्वे कराया जाएगा। बैरसिया तहसील के भैंसोड़ा निवासी इमरत बाई ने बताया कि तेज वर्षा और ओलों की वजह से गेहूं की फसल खराब हो गई है। दरअसल वर्तमान में गेहूं और चना की फसल पककर तैयार हो गई है। ऐसे में पानी गिरने से फसल को नुकसान हुआ है।