
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा में सीजफायर डील पर बातचीत टूटने के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने आगे कहा,

मुझे लगता है कि हमास मरना चाहता है, और ये बहुत ही बुरी स्थिति है। अब वक्त आ गया है कि ये काम पूरा किया जाए।

इससे कुछ हफ्ते पहले ट्रम्प ने कहा था कि गाजा में जल्द सीजफायर और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता जल्द हो सकता है। इस हफ्ते ट्रम्प प्रशासन ने दोहा में चल रही बातचीत से अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया था।
नेतन्याहू बोले- हमास बंधकों की रिहाई में सबसे बड़ी रुकावट
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि इजराइली बंधकों की रिहाई में हमास सबसे बड़ी रुकावट है। यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि इजराइल और अमेरिका अब मिलकर इस संकट से निपटने के लिए रास्ता खोज रहे हैं।
इजराइल बोला- आतंकवाद को इनाम दे रहे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा,

यह फैसला आतंकवाद को इनाम देने जैसा है और यह गाजा जैसे एक और ईरानी समर्थित प्रॉक्सी को जन्म देगा। ऐसी स्थिति में एक फिलिस्तीनी राष्ट्र, इजराइल के साथ शांति से नहीं, बल्कि उसे मिटाने के लिए इस्तेमाल होगा।

फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने फ्रांस के इस कदम का स्वागत किया है। राष्ट्रपति महमूद अब्बास को गुरुवार को औपचारिक पत्र सौंपा गया। PLO के उपाध्यक्ष हुसैन अल-शीख ने कहा,

हम मैक्रों के इस निर्णय की सराहना करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और फिलिस्तीनी जनता के अधिकार के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अब तक 140 से ज्यादा देशों ने दी है मान्यता
फ्रांस फिलिस्तीन को आधिकारिक मान्यता देने वाला सबसे बड़ा पश्चिमी देश है। अब तक 140 से अधिक देश फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं। इनमें कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं।
फिलिस्तीनी लोग एक स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहे हैं। इसमें वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी का क्षेत्र शामिल है। इन पर इजराइल ने 1967 की मिडिल ईस्ट वॉर के दौरान कब्जा कर लिया था।
ब्रिटेन और जर्मनी के साथ आपात बैठक करेगा फ्रांस
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार को ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं के साथ गाजा के हालात, भूख से जूझ रहे लोगों तक मदद पहुंचाने और युद्ध को रोकने पर आपात बैठक वाले हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा,

राज्य का दर्जा फिलिस्तीनी जनता का जन्मसिद्ध अधिकार है। संघर्षविराम हमें एक फिलिस्तीनी राष्ट्र की मान्यता और दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में ले जाएगा, जो इजराइल और फिलिस्तीन दोनों के लिए शांति और सुरक्षा की गारंटी है।

फ्रांस में यूरोप की सबसे बड़ी यहूदी और मुस्लिम आबादी रहती है। मिडिल-ईस्ट में होने वाला तनाव का असर फ्रांस में भी दिखाई देता है।
मैक्रों ने 7 अक्टूबर को हमास के इजराइल पर हमले के बाद इजराइल के समर्थन में बयान दिया था। लेकिन अब गाजा में इजराइल की कार्रवाई को लेकर वे खुले तौर पर नाराजगी जता रहे हैं।
फ्रांस और सऊदी अरब अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में टू-स्टेट सॉल्यूशन पर एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहे हैं।