भबानीपुर में RO की नियुक्ति का TMC ने किया विरोध, चुनाव आयोग ने अब राज्य सरकार से मांगा 3 अधिकारियों का पैनल
Updated on
27-03-2026 12:07 PM
कोलकाता: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से भबानीपुर विधानसभा सीट पर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के तौर पर नियुक्ति के लिए तीन अधिकारियों का एक पैनल सौंपने को कहा है। यह कदम तब उठाया गया जब टीएमसी ने भबानीपुर में एक अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई। पार्टी का आरोप है कि वह अधिकारी बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी हैं।
ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र है भबानीपुर
भबानीपुर सीएम ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र है, जहां आगामी चुनावों में सुवेंदु अधिकारी उन्हें चुनौती देने के लिए तैयार हैं। नंदीग्राम के बीडीओ सुरजीत रॉय को पहले इस हाई-प्रोफाइल सीट के लिए आरओ नियुक्त किया गया था, जिसके बाद टीएमसी ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सुरजीत रॉय सुवेंदु अधिकारी के करीबी हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
सुवेंदु अधिकारी भी भबानीपुर से लड़ रहे चुनाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी नंद्रीग्राम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां उन्होंने 2021 के राज्य चुनावों में ममता बनर्जी को 1956 वोटों से चुनाव हराया था। बीजेपी ने उन्हें भबानीपुर सीट के लिए भी उम्मीदवार बनाया है। टीएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाल को पत्र लिखकर विचार के लिए तीन उपयुक्त अधिकारियों का एक पैनल मांगा है। चुनाव आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस कदम का मकसद चुनावों के संचालन में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
टीएमसी ने आरओ की नियुक्ति का किया था विरोध
यह पूरा मामला तब सामने आया जब टीएमसी ने चुनाव आयोग से औपचारिक रूप से शिकायत की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सुरजीत रॉय सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव में काम कर रहे थे। टीएमसी ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि बीजेपी चुनावों के दौरान फायदा उठाने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।
पहले भी ममता बनर्जी ने लिखा था पत्र
सीएम ममता बनर्जी ने इससे पहले आयोग को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से सलाह लिए बिना फैसले लेने के लिए आयोग की आलोचना की थी। पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से हर एक की देखरेख एक आरओ करता है। यह आरओ चुनाव से जुड़े अहम कामों के लिए जिम्मेदार होता है, जिनमें नामांकन स्वीकार करना और मतदान करवाना शामिल है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
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