नई दिल्ली: देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो (Wipro) ने अपने नए सीईओ और एमडी श्रीनिवास पल्लिया (Srinivas Pallia) को मिलने वाले वेतन का खुलासा कर दिया है। कंपनी ने बताया कि पहले दो साल तक हर वर्ष अधिकतम 70 लाख डॉलर यानी करीब 58,45,81,200 रुपये का कंपनसेशन मिलेगा। इसमें कैश कंपनसेशन न्यूनतम 1.75 मिलियन डॉलर से अधिकतम तीन मिलियन डॉलर तक होगा। उन्हें हर साल न्यूनतम 1.75 मिलियन डॉलर से अधिकतम तीन मिलियन डॉलर तक टारगेट वेरिएबल पे मिलेगी। पालिया को सात अप्रैल, 2024 से पांच साल के लिए कंपनी का सीईओ और एमडी बनाया गया है। उनका कार्यकाल छह अप्रैल, 2029 तक है। थियरी डेलापोर्ट ने हाल में विप्रो के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह श्रीनिवास पल्लिया को नियुक्त किया गया है।
कंपनी ने बीएसई को दी गई जानकारी में बताया कि डेलापोर्ट को कैश कंपनसेशन और दूसरे भत्तों के रूप में 4.33 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे। पेरिस में रहने वाले डेलापोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था। डेलापोर्ट ने कंपनी में अपने सभी शेयर बेच दिए हैं। उनके पास विप्रो के 4,72,292 शेयर थे जिनकी कीमत 21.4 करोड़ रुपये थी। डेलापोर्ट को 6 जुलाई, 2020 को विप्रो का सीईओ और एमडी बनाया गया था। लेकिन विप्रो के लगातार खराब प्रदर्शन के लिए उनकी आलोचना हो रही थी। कंपनी ने कई हाई प्रोफाइल लोगों ने इस्तीफा दे दिया था। पिछले साल सितंबर में कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी जतिन प्रवीणचंद्र ने पद छोड़ दिया था। जतिन 21 साल से कंपनी से जुड़े थे।
कौन हैं श्रीनिवास पल्लिया
श्रीनिवास पल्लिया विप्रो में लंबे समय से काम कर रहे हैं। उन्होंने कंपनी में तीन दशक से अधिक समय बिताया है। वह साल 1992 में विप्रो में शामिल हुए थे। दोस्तों के बीच श्रीनि के नाम से मशहूर विप्रो की कंज्यूमर बिजनेस यूनिट के अध्यक्ष और बिजनेस एप्लिकेशन सर्विसेज के ग्लोबल हेड रह चुके हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग करने के बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से मैनेजमेंट स्टडीज में मास्टर्स किया। इसके बाद उन्होंने Harvard Business School और McGill Executive Institute से अपने मैनेजमेंट स्किल को धार दी। डेलापोर्ट का कार्यकाल 2025 तक था लेकिन उन्होंने इससे पहले ही इस्तीफा दे दिया। डेलापोर्ट पिछले साल सबसे ज्यादा पैसा पाने वाले सीईओ में शामिल थे। उन्हें 82 करोड़ रुपये मिले थे।