दुबई: भारतीय क्रिकेट टीम के हाथ नहीं मिलाने के बाद पाकिस्तान ने इतना ड्रामा किया कि पूरी दुनिया में उसकी बेइज्जती हुई। संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ मुकाबले से पहले खूब ड्रामा हुआ। टीम होटल से समय से नहीं निकली तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एशियन क्रिकेट काउंसिल से मैच एक घंटा देरी से शुरू करने का निवेदन किया। यहां रोचक बात यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल दोनों के अध्यक्ष मोहसिन नकवी हैं, जो पाकिस्तान के होम मिनिस्टर भी हैं। ड्रामे के बाद 9 बजे रात को मैच शुरू हुआ और रिजल्ट उसके पक्ष में रहा।उसने एशिया कप के सुपर-4 में जगह बना ली है। इस तरह से उसका 21 सितंबर को भारत से भिड़ंत का रास्ता भी साफ हो गया है। मैच के बाद पाकिस्तानी पेसर हारिस रऊफ ने बड़ा बयान दिया। जब उनसे ऑफ द फील्ड ड्रामे, खासकर एशिया कप के बहिष्कार, को लेकर पूछा गया कि क्या इससे उनकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ा तो उन्होंने खुलकर जवाब दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रऊफ ने कहा- मुझे कोई दबाव महसूस नहीं हो रहा था। यह मेरे कंट्रोल में नहीं है। ये बोर्ड के फैसले हैं। यह उनका सिरदर्द है। मेरे लिए मुझे मैच खेलना था और उसी पर मेरा फोकस था। मैनेजमेंट ने चीजों को बहुत अच्छी तरह से संभाला है।पाकिस्तान टीम ने यूएई को आसानी से हरा दिया, लेकिन उसकी बैटिंग अभी भी ट्रैक पर नहीं है। सैम अयूब फिर बिना खाता खोले आउट हुए तो फखर जमां ने ही 30 से अधिक का स्कोर किया। हारिस से पूछा गया कि क्या यह पाकिस्तानी टीम 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम की बराबरी कर पाएगी, लेकिन इस तेज गेंदबाज ने तुरंत जवाब दिया कि टीम चयन या संभावित बदलावों के बारे में बात करना उनका काम नहीं है।
उस टीम के साथ समानताओं के बारे में पूछे जाने पर रऊफ ने कहा- यह कहना मेरा काम नहीं है कि कौन खेलता है और कौन नहीं, यह कोच और कप्तान का काम है। एक खिलाड़ी के तौर पर अगर हमें मौका मिलता है तो उसका पूरा फायदा उठाना हमारी जिम्मेदारी है। जहां तक बल्लेबाजों की बात है तो मुझे यकीन है कि वह आपस में इस बारे में बात कर रहे होंगे। अगले मैच से पहले हमारे पास कुछ दिन हैं, इसलिए उम्मीद है कि हम अच्छी तैयारी कर पाएंगे।