
रायपुर। डीडी नगर स्थित वासुपुज्य दिगंबर जैन मंदिर में 31 मार्च को मंदिर में विराजमान जिन प्रतीमाओ का मज्जन किया गया। मंदिर के अध्यक्ष यशवंत जैन ने बताया की सुबह 7.30 बजे श्रीजी अभिषेक शांतिधारा आरती पूजन पश्चात प्रसुक जल से सभी प्रतिमाओं का मज्जन करवाया गया।
जैन संप्रदाय में मज्जन का अर्थ परिमार्जन से है अर्थात स्वच्छ या शीतल करने के लिए सारा शरीर प्रसूक जल से धोने के कार्य को मज्जन कहा जाता है। विदित हो की आचार्य विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से सभी प्रतिमाओं का पंचकल्याणक अमरकंटक में हुआ था। तत्पश्चात सभी प्रतिमाओं को लेकर यहा विराजमान किया गया था। रायपुर में पहली बार राजस्थान के लाल पत्थरो से निर्मित किया गया है यह मंदिर का निर्माण राजस्थान के कारीगरों द्वारा करोना काल में दिन रात कड़ी मेहनत कर 2 वर्षो मे निर्मित किया गया है। यहाँ मुलनायक वासुपूज्य भगवान की 2 टन वजनी प्रतिमा एवं 400 किलो वजनी अष्ट धातु सें निर्मित 2 प्रतिमा विराजमान है। अन्य छोटी प्रतिमाएं अष्ट धातु से निर्मित है तथा भूतल से मंदिर के शिखर की ऊंचाई 51 फुट है।
इस आयोजन में विशेष रूप से यशवंत जैन,पवन सेठी,प्रवीण संघी,निलेश जैन,आशीष जैन,अभिषेक जैन,डॉ विशाल जैन,बाहुबली जैन,महेंद्र जैन,अशोक जैन, निर्मल कुमार जैन, नरेश जैन, प्रथम जैन, राजेश जैन के साथ बड़ी संख्या में महिलाए उपस्थित थी।