फायदे से ज्यादा नुकसान
शेयर बाजार में निवेश के लिए पर्सनल लोन लेने के नुकसान की बात कर लेते हैं। जब शेयर बाजार में निवेश की बात आती है तो मनी मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है। ऐसे में जब आप शेयरों में निवेश के लिए पैसा उधार लेते हैं तो आप मासिक ईएमआई के जरिये नियमित रूप से कर्ज चुकाने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। इससे आपका वित्तीय बोझ काफी बढ़ सकता है। यह आपको टेंशन दे सकता है।अगर आपके खरीदे गए शेयर खराब प्रदर्शन करते हैं तो यह बोझ और बढ़ जाएगा। इसके उलट शेयर प्रत्याशित प्रदर्शन करते हैं तो भी लोन के ब्याज की भरपाई के लिए उन्हें पर्याप्त फायदा पैदा करना होगा।
अगर मुनाफा ब्याज को कवर करने से कम हो जाता है तो आप घाटे में जाएंगे। यह घाटा बढ़ता भी जा सकता है। इससे निवेश के लिए लोन लेने का औचित्य खत्म हो जाएगा। आपको कभी नहीं भूलना चाहिए कि शेयर मार्केट बाजार जोखिमों के अधीन हैं। केवल वही लोग इस बारे में सोच सकते हैं जिनमें जोखिम उठाने की क्षमता बहुत ज्यादा है। शुरुआत कर रहे लोगों को लोन लेकर शेयरों में लगाने की स्ट्रैटेजी से बिल्कुल बचना चाहिए। ऐसी बहुत सी छोटी बचत स्कीमें हैं जिनमें वे निवेश कर सकते हैं।
