बचत घटी और लोगों ने तोड़ दिए कर्ज के सारे रेकॉर्ड, रिजर्व बैंक ने जताई
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10-04-2024 02:14 PM
नई दिल्ली: भारत का घरेलू कर्ज स्तर दिसंबर 2023 (Q3 FY24) तक GDP के 40% के रेकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जबकि नेट फाइनेंशल सेविंग GDP के लगभग 5% तक गिर गई है। यह आंकड़ा मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार इससे वित्तीय तनाव बढ़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले महीने जारी रिपोर्ट से पता चला है कि हाउसहोल्ड डेट या कर्ज के भीतर, अनसिक्योर्ड पसर्नल लोन में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद सुरक्षित कर्ज, कृषि लोन और बिजनेस लोन हैं। जबकि हाउसहोल्ड की फिजिकल सेविंग 2022-23 में दस साल के टॉप पर पहुंच गई और उनकी कुल बचत GDP के छह साल के निचले स्तर 18.4% पर आ गई। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत की सकल घरेलू बचत (GDS) घटकर GDP के 30.2% पर आ गई है, जो 2013-14 और 2018-19 के बीच देखी गई 31-32% की सीमा से कम है।