दुबई: भारत से युद्ध और क्रिकेट के मैदान पर मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा बुरी तरह से बिलबिला उठे। उन्हें पता ही नहीं चल रहा है कि वह क्या कह रहे। उन्होंने आईसीसी द्वारा नियुक्त मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को भारत का फिक्सर बताया तो सूर्यकुमार यादव पर भी बयान देने से बाज नहीं आए। उन्होंने दावा किया था कि पायक्रॉफ्ट ने एशिया कप 2025 में यूएई के खिलाफ पाकिस्तान के अंतिम ग्रुप-ए मैच की शुरुआत से पहले उनसे माफी मांगी।यह पूरा ड्रामा तब शुरू हुआ जब भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में एशिया कप मुकाबले से पहले और बाद में अपने पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने बयान में बताया कि उनका यह कदम पाकिस्तान समर्थित पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता का संदेश था, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि पायक्रॉफ्ट ने ही टॉस के समय पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा को अपने भारतीय समकक्ष से हाथ मिलाने से रोका था और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया था।पीसीबी ने इस मामले में आईसीसी से हस्तक्षेप की भी मांग की और एशिया कप से पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की, साथ ही टूर्नामेंट से हटने की धमकी भी दी, लेकिन उनकी याचिका दो बार खारिज कर दी गई। पीसीबी और आईसीसी के बीच जारी गतिरोध के कारण पाकिस्तान-यूएई मैच की शुरुआत में देरी के बाद जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टूर्नामेंट में भागीदारी जारी रखने के लिए इस्लामाबाद से हरी झंडी का इंतजार कर रहा था तो राजा ने पीसीबी मुख्यालय के बाहर मीडिया से कहा कि पायक्रॉफ्ट भारत के लिए फिक्सर रहे हैं, जिन्होंने उनके 90 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की है।
उन्होंने कहा- यह हमारी जीत है। यह एक नाजुक स्थिति थी। मुझे खुशी है कि हमने भावुक होकर कोई फैसला नहीं लिया। अगर हम बहिष्कार का फैसला लेते तो हमारे क्रिकेट को नुकसान पहुंचता। मेरा हमेशा से यही मानना रहा है कि सारी बातें हमारी क्रिकेट टीम को करनी चाहिए। मैदान पर निराशा दिखनी चाहिए और इससे हमें बेहतर करने की प्रेरणा मिलनी चाहिए। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वह सूर्यकुमार के मैच के बाद के इंटरव्यू में दिए गए बयान से निराश थे, जिसमें उन्होंने भारतीय कप्तान द्वारा जीत को भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित करने और पहलगाम हमले पर दिए गए बयान का जिक्र किया था।
उन्होंने कहा- मेरी आपत्ति मैच के बाद के प्रेजेंटेशन में कही गई बातों पर थी। अगर माफी मांगी गई है तो अच्छा है। अगर क्रिकेट राजनीति का मैदान बन गया तो कुछ हासिल नहीं हो सकता। मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि हमारी क्रिकेट टीम बेहतर प्रदर्शन करे। मैंने हमेशा देखा है कि एंडी पायक्रॉफ्ट टीम इंडिया के लिए पसंदीदा खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि जब भारतीय टीम की बात आती है तो वह स्थायी फिक्सर हैं। वह 90 भारतीय मैचों में शामिल रहे हैं। यह सरासर, एकतरफा है और ऐसा नहीं होना चाहिए। यह एक तटस्थ मंच है। लेकिन खैर, मुझे उम्मीद है कि सद्बुद्धि आएगी। राजा और एक अन्य पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी को मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने बुधवार को पीसीबी मुख्यालय में आईसीसी-पायक्रॉफ्ट मामले पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।