
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नसों की बीमारी क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी AB9 से ग्रसित हैं। इसके कारण उनके पैरों में सूजन रहती है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 70 साल से ज्यादा उम्र को लोगों में यह बीमारी कॉमन है।
लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति की हथेलियों पर चोट के निशान हैं, जो मामूली सॉफ्ट टिशू इरिटेशन है। यह एस्पिरिन के सेवन के साइन इफेक्ट और बार-बार लोगों से हाथ मिलाने के कारण होता है। व्हाइट हाउस का यह बयान ट्रम्प की सेहत पर कई तरह की अटकलों के बाद आया है।
दरअसल, 13 जुलाई 2025 को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में फीफा क्लब वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पैरों में सूजन देखी गई थी। फिर, 16 जुलाई को बहरीन के प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात के दौरान ट्रम्प के हाथों में चोट के निशान वाली तस्वीरें सामने आई थीं।
इसके बाद सोशल मीडिया पर अटकलें लगने लगीं कि राष्ट्रपति ट्रम्प अपनी स्वास्थ्य समस्या छिपा रहे हैं। व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रम्प ने अपने पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन देखी थी। इसके बाद उन्होंने जांच करवाई और सबको रिपोर्ट की जानकारी बताने का निर्देश दिया।
व्हाइट हाउस बोला- ट्रम्प को हार्ट-किडनी की बीमारी नहीं
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति के निचले अंगों के दोनों तरफ वेनस डॉपलर अल्ट्रासाउंड किए गए, जिससे पता चला कि उन्हें क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी AB9 है। जांच में अन्य गंभीर हृदय रोग या किडनी की बीमारी का पता नहीं चला है।
लेविट ने कहा, 'जांच रिपोर्ट में डीप वेन थ्रोम्बोसिस या धमनी रोग का भी कोई सबूत नहीं मिला। ट्रम्प का कम्प्लीट ब्लड काउंट, मेटाबोलिक पैनल, डी-डाइमर, बीटी टाइप के नैट्रियोटिक पेप्टाइड और कार्डिएक बायोमार्कर जांच भी हुआ। सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।
क्या है क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी, जिससे ट्रम्प ग्रसित
क्रोनिक वेनस इनसफिशिएंसी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें नसों को पैरों से खून को हार्ट तक वापस ले जाने में दिक्कत होती है। यह समस्या तब होती है जब नसों में वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं, जिससे खून पैरों में जमा हो जाता है और सूजन, दर्द और स्किन में बदलाव हो सकता है।