नई दिल्ली: पेटीएम पेमेंट्स बैंक की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। आरबीआई (Reserve Bank of India) के एक्शन के बाद पेटीएम के यूजर्स में खलबली मची हुई है। पेटीएम के यूजर्स बड़ी संख्या में दूसरे ऑनलाइन पेमेंट्स ऐप का रुख कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने हाल ही में एक आदेश जारी करके पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी थीं। इस बीच अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन (Amazon) की फिनटेक शाखा अमेजन पे (Amazon Pay) को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए मंजूरी दी है। अमेजन के पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस को अप्रूव कर दिया है। अभी तक अमेजन पेमेंट ऐप का लाइसेंस लेकर काम कर रहा था। अब अमेजन अपने प्लेटफार्म के जरिए ई-कॉमर्स लेनदेन की सुविधा दे सकता है।
अभी है ये लाइसेंस
अमेजन (Amazon) की फिनटेक शाखा अमेजन पे (Amazon Pay) के पास प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) लाइसेंस है। यह अमेजन पे बैलेंस, मनी जैसी वॉलेट सेवाएं देने की अनुमति देता है। अब अमेजन को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है। साल 2024 की शुरुआत के बाद से 10 कंपनियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसमें फूड एग्रीगेटर जोमैटो, जसपे, डिसेंट्री, एमस्वाइप, जोहो, स्ट्राइप आदि शामिल हैं।
बढ़ेंगी चुनौतियां
अमेजन पे को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिलने के बाद अब पेटीएम के लिए समस्या और बढ़ जाएगी। पेटीएम यूपीआई ऐप के करीब नौ करोड़ यूजर्स हैं। इनमें से केवल 1.5 करोड़ यूनीक यूजर्स हैं। इसकी वजह यह है कि 7.5 करोड़ यूजर्स ने दूसरे यूपीआई ऐप्स भी अपने मोबाइल पर इंस्टॉल किए हैं। पेटीएम यूपीआई ऐप के नौ करोड़ यूजर्स में से केवल 90 लाख यानी 10 फीसदी यूजर्स का ही पेटीएम पेमेंट बैंक में अकाउंट है। वहीं आरबीआई के एक्शन के बाद से बहुत से पेटीएम यूजर्स तेजी से दूसरे प्लेटफार्म का रुख कर रहे हैं। अब अमेजन पे से पेटीएम के लिए चुनौतियां और बढ़ने वाली हैं।