नई दिल्ली: पाकिस्तान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य खुद को पेशेवर फुटबॉलर बताकर गैरकानूनी तरीके से जापान में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जापानी अधिकारियों ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। इसके बाद 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी खुद को खिलाड़ी बता रहे थे।फुटबॉल की जर्सी में ही कर रहे थे ट्रैवल
एफआईए की रिपोर्ट के अनुसार ये लोग पूरे फुटबॉल की जर्सी में ट्रैवल कर रहे थे। वे पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन से संबंध होने का दावा कर रहे थे। उनके पास विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए जाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी थे। जापानी अधिकारियों को पूछताछ के दौरान संदेह हुआ। इसके बाद समूह को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया। जियो न्यूज ने बताया कि अधिकारी अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि ये लोग पाकिस्तानी हवाई अड्डों से बिना किसी रोक-टोक के उड़ान भरने में कैसे सफल रहे।पहले भी जा चुकी एक टीम
जांचकर्ताओं में सियालकोट के पास पसूर का रहने वाले मलिक वकास का नाम सामने आया है। उसने गोल्डन फुटबॉल ट्रायल नाम से एक फर्जी फुटबॉल क्लब बनाया था। आरोप है कि वकास ने सभी से यात्रा के लिए 40 लाख से 45 लाख रुपये लिए थे। एफआईए ने उसे 15 सितंबर को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वकास जनवरी 2024 में उसने इसी तरह के जाली दस्तावेजों और एक जापानी क्लब बोविस्टा एफसी से फर्जी निमंत्रण का उपयोग करके 17 लोगों को जापान भेजा था। उनमें से कोई भी आदमी वापस नहीं लौटा। इस मामले में FIA के अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैसे ये लोग एयरपोर्ट से निकल गए।