अरब देशों का रक्षक बनेगा पाकिस्तान... सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते पर बोले पाकिस्तानी एक्सपर्ट, भारत और इजरायल को संदेश

Updated on 19-09-2025 01:39 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते ने पश्चिम से लेकर एशियाई रक्षा विश्लेषकों में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बुधवार देर शाम रियाद में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद रहे, जिन्हें इसके पीछ का सूत्रधार माना जा रहा है। यह समझौता दोनों दीर्घकालिक सहयोगियों के बीच अब तक की सबसे मजबूत सुरक्षा प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसके अनुसार किसी भी देश पर हमला, दोनों देशों के खिलाफ आक्रमण माना जाएगा।

पाकिस्तान बनेगा खाड़ी देशों का रक्षक

समझौते को लेकर पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह खाड़ी के सुरक्षा मानचित्र को नया रूप देने वाला है। विदेश नीति विश्लेषक उजैर यूनुस ने द न्यूज से बातचीत में कहा कि इस समझौते के साथ पाकिस्तान आने वाले वर्षों में अरब प्रायद्वीप के सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्थापित हो जाएगा। यूनुस ने कहा कि यह कदम निश्चित रू से दोहा पर हुए हालिया हमले से प्रेरित है। इजरायली हमने के खाड़ी देशों को अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं पर नए सिरे से सोचने को मजबूर किया है।

अमेरिका पर अरब देशों का घटता भरोसा

पूर्व पाकिस्तानी राजदूत तौकीर हुसैन ने इस समझौते के साथ ही इसकी टाइमिंग को भी महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि दोहा शिखर सम्मेलन के बाद यह पाकिस्तान-सऊदी समझौता दिखाता है कि खाड़ी देश केवल खोखली बयानबाजी पर निर्भर नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई की ओर भी इशारा कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौते को सऊदी का पहला कदम बताया और कहा कि इसके आगे भी विकास होंगे। इसमें चीन से संबंधों में मजबूती और ईरान से तनाव कम करना हो सकता है। हुसैन ने कहा कि यह साफ है कि अमेरिका की सुरक्षा गारंटी में अरबों का विश्वास पूरी तरह से कम हो गया है।

भारत और इजरायल के लिए बताया संदेश

दूसरे पाकिस्तानी एक्सपर्ट भी इसे बड़े बदलाव के रूप में देखते हैं। जावीद हुसैन 1997 से 2003 तक ईरान में पाकिस्तान के राजदूत रहे हैं। हुसैन ने समझौते के विशेष प्रावधान का उल्लेख किया जिसके अनुसार एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। उनका कहना है कि यह भारत या इजरायल जैसे देशों को एक स्पष्ट संदेश देगा और उन्हें पाकिस्तान या सऊदी अरब के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाने की हिम्मत करने से रोकेगा।

अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ हुमा बुकाई ने जियो टीवी पर कहा कि यह रक्षा समझौता क्षेत्रीय भू-राजनीति को नया रूप दे सकता है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि यह दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के शक्ति समीकरण को प्रभावित करेगा।
Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 March 2026
इस्लामाबाद, पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। रॉयटर्स के मुताबिक, काबुल में घरों पर हुई बमबारी में 4 लोगों की मौत और 15 घायल हो…
 13 March 2026
ढाका: बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद चीन एक्टिव हो गया है। बांग्लादेश और चीन के विदेश सचिव अगले महीने की शुरुआत में ढाका में मिलने जा रहे…
 13 March 2026
तेल अवीव: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर हमला बोला और उन्हें IRGC की कठपुतली बताया। नेतन्याहू की यह टिप्पणी मोजतबा खामेनेई के पहला…
 13 March 2026
वॉशिंगटन: भारत को छूट देने के बाद अमेरिका ने और देशों को भी रूसी तेल खरीदने की मंजूरी दी है। शुक्रवार को वित्त विभाग के एक नोटिस के अनुसार, अमेरिकी ने…
 13 March 2026
तेहरान: ईरान ने घोषणा की है कि वो होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं करेगा लेकिन इस जलमार्ग से गुजरने के लिए सभी जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ तालमेल बिठाना होगा।…
 13 March 2026
ढाका: बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद चीन एक्टिव हो गया है। बांग्लादेश और चीन के विदेश सचिव अगले महीने की शुरुआत में ढाका में मिलने जा रहे…
 11 March 2026
बेलग्रेड: यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच एक ऐसी तस्वीर आई है जिससे रूस बहुत परेशान होगा। सर्बिया के लड़ाकू विमान MiG-29 में चीनी CM-400AKG मिसाइलों को इंटीग्रेट देखा गया है।…
 11 March 2026
मॉस्को: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। इसमें भी खास…