बिहार की सम्राट सरकार पर नीतीश की निगहबानी! तीसरी आंख की रोल में रहेंगे सुशासन बाबू
Updated on
22-04-2026 02:37 PM
पटना: न्याय यात्रा, विकास यात्रा और समृद्धि यात्रा। इनके नाम पर जनता के मर्म को समझने और राज्य सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने का सफर है। नीतीश कुमार अब अपनी यात्रा का क्या नाम देते हैं, यह पता नहीं। लेकिन, मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रहते, यात्रा तो तय कर ही लिया। अब वे बिहार की जनता के प्रति 'तीसरी आंख' की भूमिका निभाएंगे। अब इसे नीतीश कुमार का सोशल अटैक कहें या वर्तमान सरकार की निगहबानी। मगर, इतना तो तय है कि वर्तमान सरकार को 'खुले सांड' की तरह नहीं छोड़ने वाले।
नीतीश नीति पर चलेगी सरकार!
बिहार के सियासी गलियारों में जब से बीजेपी के मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा शुरू हुई तब से उसके पैरलल 'नीतीश नीति' पर चलेगी सरकार की भी चर्चा होती रही। न केवल नीतीश कुमार बल्कि उनके वरीय और कनीय नेता भी एक ही राग अलाप रहे थे कि मुख्यमंत्री बनने का मतलब ये नहीं कि बीजेपी कोई अपना एजेंडा चला दे। इसलिए, पंचायत से लेकर राजधानी तक में राज्य सरकार के क्रिया-कलाप पर नजर रखी जाएगी। नीतीश कुमार की यात्रा पर निकलने की जो प्लानिंग बनी है, उसके पीछे का मकसद है कि बीजेपी कहीं अंदरूनी एजेंडे को राह देने में तो नहीं लगी।
पिछले दिनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदाय के शख्स की टोपी को अस्वीकार करने की घटना ने राज्य की सेक्युलर जनता को चौंकाया। टोपी लेना न लेना अपनी मर्जी है, मगर ये सरकार नीतीश कुमार के पद त्याग से बनी है। सम्राट चौधरी की इस हरकत के बाद एक अलग तरह का विवाद शुरू हो गया है। इस विवाद के साथ-साथ नीतीश का 'थ्री सी' का कम्युनलिज्म प्रभावित होते दिखा।
राजस्व विभाग के फैसले पर भी सवाल!
जदयू सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग के एक विवादित फैसला भी नीतीश कुमार के संज्ञान में लाया गया है। हुआ ये कि सत्ता में आने के बाद सम्राट चौधरी ने राजस्व विभाग के एक पुराने फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे हड़बड़ी में लिया गया निर्णय बताया जा हैं।
सत्ता से बेदखल नीतीश कुमार जदयू की राजनीति को जनता के अंतिम पायदान तक पहुंचाने में जुटे हैं। साथ ही साथ जनता के बीच खुद की मौजूदगी दर्ज कराने यात्रा पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा के दौरान नीतीश कुमार धरातल पर चल रही योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का आकलन करेंगे। साथ ही इन योजनाओं का प्रभाव की भी खोज-खबर लेंगे। लेकिन इन सबके साथ नीतीश कुमार ये संदेश भी जनता को देंगे कि जो कहा था सो किया यानि आपको छोड़ कर नहीं जा रहे हैं।
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