भोपाल । मध्य प्रदेश में एक अप्रैल से संपत्ति की दरों में औसत आठ प्रतिशत वृद्धि हो जाएगी। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक सोमवार को महानिरीक्षक पंजीयन एम सेलवेंद्रन की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2004-25 के लिए अचल संपत्ति के बाजार मूल्य गाइडलाइन एवं उसके उपबंधों का अनुमोदन किया गया। बैठक में बोर्ड के सदस्य भी शामिल थे।वर्ष 2024-25 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों का बाजार मूल्य निर्धारण किया जाना था। इसके लिए विभिन्न जिलों ने पिछले वर्षों में पंजीबद्ध कुल दस्तावेजों और स्थानों, बाजार मूल्य से अधिक मूल्य पर पंजीबद्ध दस्तावेजों और स्थानों की जानकारी दी गई थी।एआइ के माध्यम से संभावित वृद्धि वाले क्षेत्रों और स्थानों की जानकारियां भी दी गई थी। सभी जिला एवं उप जिला मूल्यांकन समिति द्वारा किए गए मैदानी सर्वे के आधार पर संपदा टू साफ्टवेयर के माध्यम से केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए थे।
बोर्ड द्वारा जिला मूल्यांकन समिति से गाइडलाइन वर्ष 2024-25 के अनुमोदित प्रस्तावों पर विचार किया गया और उसे एक अप्रैल 2024 से प्रभावशील करने का निर्णय लिया गया है। गाइडलाइन दरों में औसत आठ प्रतिशत वृद्धि की जा रही है। बैठक में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा भूमि भवन एवं स्थावर संपत्ति के मानदंडों एवं उपबंधों पर विचार किया गया। इसके बाद वर्तमान में प्रचलित उपबंधों 2023-24 को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए मान्य किया गया है।
नए वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के कुल 1443 स्थानों पर प्रापर्टी की दरों में 7.19 प्रतिशत तक वृद्धि होगी। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र के 215 स्थानों पर 5.48 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र के 1228 स्थानों पर 8.9 प्रतिशत वृद्धि होगी। बता दें कि शहर में कुल 3900 स्थान हैं, जिनमें से 2457 स्थानों पर किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की जा रही है।