
हिमाचल में कांग्रेस सरकार का संकट थम नहीं रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्री विक्रमादित्य की अभी CM सुखविंदर सुक्खू से नाराजगी दूर नहीं हुई है। गुरुवार रात को विक्रमादित्य कैबिनेट मीटिंग के बाद अचानक चंडीगढ़ पहुंच गए।
जहां उन्होंने एक बड़े होटल में बागी विधायकों से मुलाकात की है। इन विधायकों को कल ही स्पीकर कुलदीप पठानिया ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को वोट देने पर विधानसभा से निष्कासित कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक बिना सिक्योरिटी के पहुंचे विक्रमादित्य अपनी गाड़ी चंडीगढ़ में छोड़कर दिल्ली भी गए हैं। हालांकि औपचारिक तौर पर इसको लेकर कोई बयान नहीं है।
हिमाचल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह अभी अपने निजी काम से कहीं गए हैं। वह दो तीन दिन में लौटेंगे। उन्होंने कहा कि जो छह विधायक निष्कासित हुए हैं, उनका क्या रोल रहेगा, यह हाईकमान तय करेगा। निष्कासित विधायक भी कांग्रेस के थे। इस निर्णय से वह भी आहत हुई हैं।
विक्रमादित्य सिंह का टूर प्रोग्राम भी जारी
मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बीती रात ही चंडीगढ़ जाने की चर्चाओं के बीच उनका टूर प्रोग्राम भी जारी किया गया। इसके अनुसार विक्रमादित्य सिंह आज सुबह सरकारी गाड़ी से 9.10 बजे शिमला से चंडीगढ़ रवाना हुए। दोपहर एक बजे वह चंडीगढ़ पहुंचेंगे। यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
कल विक्रमादित्य सिंह दिल्ली में ही रुकेंगे और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में मीटिंग अटेंड करेंगे। परसों यानी 3 मार्च को वह दिल्ली से वापस शिमला लौटेंगे।
कांग्रेस ने विधायकों को शिमला में रुकने के लिए कहा था
बता दें कि सियासी संकट के बीच कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को शिमला में रुकने के लिए कहा था। उन्हें यह भी कहा गया था कि वे किसी भी सूरत में शिमला न छोड़ें। कल ही कांग्रेस ऑब्जर्वर डीके शिवकुमार और भूपेंद्र हुड्डा ने दावा किया था कि यहां कांग्रेस में सब ठीक है। सुखविंदर सुक्खू ही हिमाचल के CM रहेंगे।
इस्तीफा दे चुके मंत्री विक्रमादित्य
इससे पहले हिमाचल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच विक्रमादित्य ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था कि वे इन हालात में काम नहीं कर सकते। इसके बाद ऑब्जर्वर्स से उनकी मुलाकात हुई। जिसके बाद उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। मगर इतना जरूर है कि वह उसे स्वीकार करने के लिए दबाव नहीं डालेंगे।
अब पढ़िए 3 दिन में क्या-क्या हुआ
27 फरवरी से शुरू हुआ घटनाक्रम
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के छह विधायकों की क्रॉस वोटिंग से पार्टी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी की हार हुई। इससे सरकार पर संकट आ गया।
28 फरवरी को मंत्री का इस्तीफा, BJP के 15 विधायक निष्कासित
बजट सत्र से पहले PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफे का ऐलान किया और अपनी ही सरकार पर विधायकों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने BJP के 15 विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें विधानसभा की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया। इससे कांग्रेस सरकार आसानी से अपना बजट पास कराने में सफल रही।
6 बागी विधायकों के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई। स्पीकर ने फैसला रिजर्व रखा
कांग्रेस हाईकमान द्वारा भेजे गए दो ऑब्जर्वर डीके शिव कुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा शिमला पहुंचे। दोनों ने सभी विधायकों से वन टू वन बात की। सबको मनाने का प्रयास किया।
29 फरवरी को 6 बागी विधायकों की सदस्यता खत्म
CM सुक्खू ने पार्टी के सभी विधायकों को ओक ओवर में आवास पर ब्रेकफास्ट पर बुलाया। इसमें विक्रमादित्य सिंह नहीं पहुंचे।
सुबह 11 बजे स्पीकर कुलदीप पठानिया ने बागी विधायकों की सदस्यता खत्म कर दी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने इसे गलत निर्णय बताया और कहा कि नाराज विधायकों की बात सुनी जानी चाहिए थी।
डीके शिव कुमार के मनाने पर विक्रमादित्य सिंह और प्रतिभा सिंह ओक ओवर आए। शाम पांच बचे सरकार में सब कुछ ठीक होने का ऐलान किया गया।
सियासी ड्रामा खत्म होने के बाद कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें विक्रमादित्य सिंह शामिल हुए। रात लगभग 11.30 बजे विक्रमादित्य सिंह अकेले शिमला से चंडीगढ़ रवाना हुए।