
भोपाल: स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार पेपर लीक से निपटने के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। विभाग ने इस बार हर जिले के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किया है, ताकि किसी एक जिले में पेपर लीक होने पर सिर्फ उसी जिले की परीक्षा को निरस्त किया जा सके। यह व्यवस्था इस बार पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा में की गई है।
अगर फार्मूला सफल रहा तो आगे 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में भी अपनाया जाएगा। इस बार पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए विभाग की ओर से काफी सख्ती बरती गई है। वहीं, प्रदेश के 15 फीसद केंद्रों पर उसी दिन प्रश्नपत्रों को फोटो कापी कर विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा। सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र भी उसी स्कूल में ना होकर पांच से 10 किमी दूर कर दिया गया है। इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि ये परीक्षाएं छह मार्च से 14 मार्च तक आयोजित होंगी। प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 24 लाख विद्यार्थी 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र पर शामिल होंगे। दोनों परीक्षाएं सुबह नौ बजे से दोपहर 11.30 बजे तक चलेंगी। विद्यार्थियों को सुबह आठ बजे से ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर 78 हजार बच्चे शामिल होंगे।
पांचवीं व आठवीं का पहला पेपर प्रथम भाषा-हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व मराठी का होगा। इस बार हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत भाषा का प्रश्नपत्र एससीईआरटी और एनसीईआरटी दोनों पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार किए गए हैं। प्रथम भाषा के रूप में उर्दू या मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी व अतिरिक्त भाषा के रूप में हिंदी का पेपर देना होगा। वहीं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा में हिंदी का पेपर देना अनिवार्य होगा। जिला एवं ब्लाक स्तर पर परीक्षा कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वार्षिक परीक्षा आयोजन संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। इसमें हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस बार पेपर लीक से बचाने के लिए पांचवीं व आठवीं का प्रश्नपत्र सभी जिलों के लिए अलग-अलग तैयार किया जा रहा है। हर विषय का जिले वार प्रश्नपत्रों का बंडल तैयार किया गया है। वहीं 15 फीसद केंद्रों पर फोटोकापी कराकर उसी दिन प्रश्नपत्र वितरित किया जाएगा।
- धनराजू एस, संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र।