मनोज जरांगे OBC कोटा से ही आरक्षण लेने पर अड़े कहा यह सरकार अंग्रेजों से भी बुरी

Updated on 24-02-2024 12:09 PM

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता म​​​नोज जरांगे ने 24 फरवरी यानी आज से फिर राज्य में आंदोलन करने का ऐलान किया है। वो OBC कोटे से ही आरक्षण लेने पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार निजाम और अंग्रेजों से भी बुरी है। इसलिए इस बार बच्चे और बुजुर्ग भी आंदोलन में शामिल होंगे। अगर एक भी बुजुर्ग की मौत होती है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।

दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार 20 फरवरी को मराठाओं को 10% आरक्षण देने का बिल पास हो गया। CM शिंदे अब इस बिल को विधान परिषद में पेश करेंगे। वहां से पास होने के बाद यह कानून बन जाएगा। मराठा आरक्षण बिल पारित होने से मराठाओं को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण मिलेगा। राज्य में 52% आरक्षण पहले से है। 10% मराठा आरक्षण जुड़ने से रिजर्वेशन लिमिट 62% हो जाएगी।

रिजर्वेशन कोटा 50% से ज्यादा होने से इस बिल को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2021 में मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया था, क्योंकि रिजर्वेशन लिमिट 50% से ऊपर हो गई थी।

जरांगे बोले- हमें OBC कोटे से रिजर्वेशन चाहिए
जरांगे ने बिल को लेकर कहा कि इसमें मराठाओं की मांग को पूरा नहीं किया गया है। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत के ऊपर हो जाएगी तो सुप्रीम कोर्ट इसे रद्द कर देगा। हमें ऐसा आरक्षण चाहिए जो ओबीसी कोटे से हो और 50 प्रतिशत के नीचे रहे।

शिंदे बोले- जो हमने बोला, वो किया
बिल पास होने के बाद CM शिंदे ने कहा- जो हमने बोला था, वो किया। हमने कोई राजनीतिक लाभ के लिए फैसला नहीं लिया है। मराठा समाज आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है। मराठाओं को आरक्षण मिलने से OBC या किसी अन्य समाज के आरक्षण को नुकसान नहीं होगा।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण मिला
मराठाओं का आरक्षण बढ़ाने की पहल महाराष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग (MBCC) की एक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। MBCC ने 16 फरवरी को मराठा समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन पर आधारित सर्वे रिपोर्ट शिंदे सरकार को सौंपी थी।

इसमें बताया गया कि मराठा समुदाय सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा है। सर्वे में बताया गया कि राज्य में आत्महत्या करने वाले 94% किसान मराठा समुदाय के थे। माध्यमिक और उच्च शिक्षा में मराठा समुदाय का प्रतिशत कम है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सरकारी नौकरियों में मराठाओं की संख्या कम है।

इस सर्वे में 2.5 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया था। रिपोर्ट पर CM शिंदे ऑफिस की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया था कि सर्वे के निष्कर्षों पर राज्य कैबिनेट की बैठक में 20 फरवरी को चर्चा की जाएगी।

मराठा आरक्षण का इतिहास
मराठा खुद को कुनबी समुदाय का बताते हैं। इसी के आधार पर वे सरकार से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। कुनबी, कृषि से जुड़ा एक समुदाय है, जिसे महाराष्ट्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की कैटेगरी में रखा गया है। कुनबी समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण लाभ का मिलता है।

मराठा आरक्षण की नींव पड़ी 26 जुलाई 1902 को, जब छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और कोल्हापुर के महाराजा छत्रपति शाहूजी ने एक फरमान जारी कर कहा कि उनके राज्य में जो भी सरकारी पद खाली हैं, उनमें 50% आरक्षण मराठा, कुनबी और अन्य पिछड़े समूहों को दिया जाए।

इसके बाद 1942 से 1952 तक बॉम्बे सरकार के दौरान भी मराठा समुदाय को 10 साल तक आरक्षण मिला था। लेकिन, फिर मामला ठंडा पड़ गया। आजादी के बाद मराठा आरक्षण के लिए पहला संघर्ष मजदूर नेता अन्नासाहेब पाटिल ने शुरू किया। उन्होंने ही अखिल भारतीय मराठा महासंघ की स्थापना की थी। 22 मार्च 1982 को अन्नासाहेब पाटिल ने मुंबई में मराठा आरक्षण समेत अन्य 11 मांगों के साथ पहला मार्च निकाला था।

उस समय महाराष्ट्र में कांग्रेस (आई) सत्ता में थी और बाबासाहेब भोसले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। विपक्षी दल के नेता शरद पवार थे। शरद पवार तब कांग्रेस (एस) पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन तो दिया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इससे अन्नासाहेब नाराज हो गए।

अगले ही दिन 23 मार्च 1982 को उन्होंने अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद राजनीति शुरू हो गई। सरकारें गिरने-बनने लगीं और इस राजनीति में मराठा आरक्षण का मुद्दा ठंडा पड़ गया।

20 जनवरी को जरांगे ने जालना से मुंबई तक निकाला था विरोध मार्च
मनोज ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 20 जनवरी को जालना से मुंबई तक के लिए पदयात्रा शुरू की थी। 26 जनवरी को जरांगे और लाखों की संख्या में उनके समर्थक नवी मुंबई के वाशी पहुंचे। जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी थी। इस बीच महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों की टीम रात करीब 10 बजे वाशी पहुंची और जरांगे से मुलाकात की।

अगली सुबह 27 जनवरी को सीएम एकनाथ शिंदे नवी मुंबई पहुंचे और म​​​नोज जरांगे से मुलाकात की। उन्होंने जरांगे की आरक्षण से जुड़ी सभी मांगें मान ली और उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया। 

पिछले आंदोलन के दौरान 9 दिन में 29 लोगों ने सुसाइड की थी
इससे पहले 25 अक्टूबर 2023 को मनोज जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में भूख हड़ताल शुरू की थी। मांग वही, मराठा समुदाय को OBC का दर्जा देकर आरक्षण दिया जाए। 9 दिनों में आंदोलन से जुड़े 29 लोगों ने सुसाइड कर लिया।

इसके बाद राज्य सरकार के 4 मंत्रियों धनंजय मुंडे, संदीपान भुमरे, अतुल सावे, उदय सामंत ने जरांगे से मुलाकात कर भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। उन्होंने स्थायी मराठा आरक्षण देने का वादा किया। इसके बाद 2 नवंबर 2023 को मनोज जरांगे ने अनशन खत्म कर दिया। साथ ही सरकार को 2 जनवरी 2024 तक का समय दिया था।


Advt.

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 March 2026
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने को लेकर जबर्दस्त सियासी बयानबाजी हो रही है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के इस्तीफे और राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखा हमला…
 05 March 2026
अहमदाबाद: अहमदाबाद में एक गैर-कानूनी क्रिकेट बेटिंग और एक बड़े स्टॉक मार्केट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यहां मात्र 10 से 12 हजार रुपये कमाने वाले एक रैपिडो ड्राइवर के अकाउंट…
 05 March 2026
पटना: राज्यसभा के चुनाव से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपने उम्मीदवार के लिए बैटिंग करने से क्यों पीछे हटी? वह भी तब जब लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान आज…
 05 March 2026
नई दिल्ली, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज छठा दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के कारण मिडिल ईस्ट के देशों में भारत के लिए उड़ान सेवा प्रभावित हुई…
 05 March 2026
नई दिल्ली, राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का गुरुवार को आखिरी दिन है। बिहार में भाजपा के दो प्रत्याशी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट नितिन नवीन और शिवेश कुमार का आज…
 03 March 2026
श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े गोप्रो हीरो 12 ब्लैक कैमरे का पता लगाने के लिए चीन से मदद मांगी…
 03 March 2026
जयपुर: राजस्थान पुलिस ने प्रदेश को भयमुक्त बनाने और संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए रविवार तड़के एक विशाल घेराबंदी की। इस बड़े ऑपरेशन के तहत 19 जिलों में एक…
 03 March 2026
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद इलेक्टोरल लिस्ट पर हंगामा मचा है। 28 फरवरी को प्रकाशित फाइनल इलेक्टोरल लिस्ट में कई परिवारों को दो हिस्सों में बांट दिया गया है।…