कानपुर: फ्लैट में 'कैद' रहती थीं जुड़वा बेटियां, मां तक से नहीं करने देता था बात, खुल रहीं शशिरंजन की करतूतें
Updated on
21-04-2026 02:13 PM
कानपुर: यूपी के कानपुर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में नाबालिग जुड़वा बेटियों की हत्या के बाद आरोपी पिता शशिरंजन से जुड़े कई राज सामने आ रहे हैं। पत्नी रेशमा और पड़ोसियों ने चौंकाने वाली बातें पुलिस को बताई हैं। शशिरंजन दोनों बेटियों को अपने पास ही रखता था। वह उन पर कड़ी नजर रखता था। जब घर में नहीं रहता था तो सीसीटीवी कैमरे के जरिये उनकी गतिविधियां देखा करता था। दोनों बच्चियों को अपार्टमेंट में अन्य बच्चों के साथ खेलने की छूट नहीं थी। अगर वो बाहर जाने या किसी से बातचीत करने का प्रयास करती थीं तो उनको डांट पड़ती थी।
पिता के गुस्से के डर से दोनों लड़कियां ज्यादातर फ्लैट के अंदर ही रहती थीं। पड़ोसी बच्चे अगर उनको खेलने के लिए उनको बाहर बुलाते थे तो वे मना कर देती थीं। रेशमा ने बताया कि बेटियों ने साइकिल दिलाने की जिद की थी तो शशिरंजन ने दिला तो दी पर चलाने की इजाजत भी केवल फ्लैट के अंदर थी।
बेटियों को मुझसे बात नहीं करने देता था शशिरंजन: रेशमा
रेशमा ने बताया कि शशिरंजन से उसका विवाद बहुत सालों से था। वह चंडीगढ़ की एक महिला से फोन पर घंटों बात करता था। उससे मिलने भी चंडीगढ़ जाता रहता था। वह बेटियों को उसके पास आने नहीं देती थी। बेटियां अगर मां से बात करना चाहें तो उन्हें फटकार देता था। इसलिए बेटियां डरती थीं। जब शशिरंजन कई दिनों के लिए चंडीगढ़ जाता था तभी बेटियां उससे बात कर पाती थीं। हालांकि, तब भी उन्हें डर लगता था कि पिता कहीं सीसीटीवी कैमरे से निगरानी ना रख रहे हों।
बड़े भाई ने कहा- शशिरंजन से हमारा कोई लेना-देना नहीं
किदवई नगर में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है। रेशमा ने बताया कि उसने सबसे पहले शशिरंजन के बड़े भाई राजीव को फोन कर हत्याकांड के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शशिरंजन से उनका कोई संबंध नहीं है। वह कानपुर नहीं आएंगे। इसके अलावा राजीव ने रेशमा से यह भी कहा कि इस मामले को लेकर उनको दोबारा फोन ना करे। उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। रेशमा के मुताबिक, शशिरंजन के परिवार के लोग बिहार में रहते हैं। 2014 में सास के निधन के बाद न तो कोई कानपुर से बिहार गया और ना ही परिवार का कोई सदस्य वहां से यहां आया।
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