नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में पूरी दुनिया के बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम हैं। बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया है, लेकिन बुमराह ने खुद को इस काबिल कैसे बनाया इसके बारे में टीम इंडिया के पूर्व बॉलिंग कोच भरत अरुण ने बताया। ये उन दिनों की बात है जब भरत अरुण नेशनल क्रिकेट एकेडमी में थे। वहीं पर बुमराह से उनकी मुलाकात हुई।साल 2013 की घटना है जब बुमराह ने अंडर-19 टीम में अपनी चयन के लिए दावेदारी पेश की थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला था। जसप्रीत बुमराह एनसीए गए थे। वहां उनके अनोखे एक्शन और पेस से हर कोई प्रभावित हुआ था। हालांकि, शुरुआत में उन्हें अपने एक्शन को बदलने के लिए भी कहा गया था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। ऐसे में भरत अरुण की उन्होंने सलाह मानी और 3 साल के भीतर उनका चयन भारतीय टीम में हो गया।एक फोन कॉल पर छोड़ दिया सब कुछभरत अरुण ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने बुमराह को उनके एक्शन के साथ बॉलिंग में पेस के लिए सलाह दी थी। उन्होंने बुमराह को समझाया कि तेज गेंदबाजी के उन्हें एक बैल की तरह मजबूत होना पड़ेगा। इसके लिए सही खान-पान, व्यायाम और त्याग की जरूरत थी। बुमराह ने भी उनकी बात तुरंत मान ली अगले दिन से उन्होंने बहुत सी चीजों को छोड़ दिया। भरत अरुण ने बॉम्बे स्पोर्ट एक्सचेंज' से बात करते हुए कहा, 'बुमराह को जंक फूड में बर्गर, पिज्जा और मिल्कशेक बहुत पसंद था, लेकिन मैंने उन्हें ये सब छोड़ने के लिए कहा और उन्होंने इन सभी चीजों को छोड़ दिया और पूरी तरह से अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। बुमराह ने बिना किसी देरी के इस सलाह को मान लिया। उन्होंने तुरंत अपने खान-पान की आदतें बदल दीं और जिम में खूब मेहनत करने लगे।'