DPA ने पिछले साल ReNew EFuels, Statkraft India, Welspun New Energy, Sembcorp Green Hydrogen India, Torrent Power Ltd, NTPC Green Energy और Greenko Group सहित ऊर्जा कंपनियों के साथ 13 एमओयू साइन किए थे। इस बारे में रिलायंस, ग्रीनको, वेलस्पन और DPA ने प्रश्नों का जवाब नहीं दिया। L&T ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मिनिस्ट्री ने ग्रीन शिपिंग के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना भी तैयार की है। इसमें बंदरगाहों पर वीकल एमिशन को कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन फ्यूल का यूज बढ़ाना शामिल है। इसका मकसद बंदरगाहों पर भविष्य में उपयोग के लिए अमोनिया और हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में पेश करना भी है। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का मकसद भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक ग्लोबल हब बनाना है ताकि ट्रिलियन डॉलर के ऊर्जा आयात को कम किया जा सके। मिशन का लक्ष्य 2030 तक पांच MTPA की ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का टारगेट हासिल करना है। साथ ही 125 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट और फॉसिल फ्यूल में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लाना है। इससे सालाना करीब 50 MT ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी। इस मिशन पर आठ लाख करोड़ रुपये निवेश की संभावना है।
मिनिस्ट्री ने ग्रीन शिपिंग के लिए एक राष्ट्रीय कार्य योजना भी तैयार की है। इसमें बंदरगाहों पर वीकल एमिशन को कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन फ्यूल का यूज बढ़ाना शामिल है। इसका मकसद बंदरगाहों पर भविष्य में उपयोग के लिए अमोनिया और हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में पेश करना भी है। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का मकसद भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक ग्लोबल हब बनाना है ताकि ट्रिलियन डॉलर के ऊर्जा आयात को कम किया जा सके। मिशन का लक्ष्य 2030 तक पांच MTPA की ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का टारगेट हासिल करना है। साथ ही 125 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट और फॉसिल फ्यूल में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लाना है। इससे सालाना करीब 50 MT ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी। इस मिशन पर आठ लाख करोड़ रुपये निवेश की संभावना है।
